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एकेटीयूः स्टूडेंट्स अंग्रेजी में नहीं लिख पा रहे अपना व कॉलेज का पूरा नाम

Sat, 14 Mar 2020 04:32 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 14 Mar 2020 04:32 PM IST
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Students are not able to even write their name in exam.
एकेटीयू के लखनऊ कैंपस में परीक्षा देते बलिया व मऊ कॉलेजों के परीक्षार्थी - फोटो : अमर उजाला
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के तीन संबद्ध कॉलेजों में फार्मेसी व मैनेजमेंट के विद्यार्थियों का भविष्य किस तरह खराब किया जा रहा था, इसकी बानगी शुक्रवार से लखनऊ परिसर में शुरू हुई स्थगित परीक्षाओं में देखने को मिला।
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पहले दिन बीफार्मा के विद्यार्थी अंग्रेजी में न तो अपना व कॉलेज का पूरा नाम लिख पाए और न ही पेपर कोड डाल पाए। इसके लिए पर्यवेक्षकों को सहयोग करना पड़ा। कुछ विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका में आधा पेज तो कुछ एक पेज ही लिखकर कॉपी जमा कर चले गए। परीक्षाएं 23 मार्च तक चलेंगी।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि पहले दिन की परीक्षा में 463 विद्यार्थियों को शामिल होना था लेकिन 370 विद्यार्थी मौजूद रहे। एकेटीयू से संबद्ध मां भगवंता कुंवर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मऊ, इंदू प्रकाश फार्मेसी कॉलेज मऊ, श्रीमती फुलेहरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी की बीफार्मा व एमबीए की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। इसके बाद इनकी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। 
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एकेटीयू के लखनऊ परिसर स्थित सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में शुक्रवार से शुरू हुई परीक्षाओं में काफी सख्ती की जा रही है। विद्यार्थियों की गेट पर कड़ी चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया। पूरे पेपर की रिकॉर्डिंग करवाई गई। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि विद्यार्थी दूर से आए हैं। इसलिए विश्वविद्यालय की ओर से उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।

कॉलेज में बोलकर हल कराए जाते थे पेपर : विद्यार्थियों ने काफी पूछने पर बताया कि कॉलेज में उन्हें बोलकर पूरा पेपर हल कराया जाता था। ब्लैक बोर्ड पर उत्तर लिखे जाते थे, जबकि कुछ जगह पर बाकायदा पेपर हल कराया जाता था। अंदेशा है कि अपना पूरा नाम, कॉलेज व पेपर कोड नहीं लिख पाने वाले विद्यार्थियों की कॉपियां दूसरी जगह लिखवाई जा रही थीं।
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