रक्तदान कर गोयल इंस्टीट्यूट के 108 विद्यार्थी बने महादानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘करेंगे रक्तदान, नहीं जाने देंगे मरीजों की जान’ इसी संकल्प के साथ फैजाबाद रोड स्थित गोयल इंस्टीट्यूट के 108 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को रक्तदान किया। रक्तदान शिविर का आयोजन इंस्टीट्यूट के परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन और गोयल इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
इंस्टीट्यूट के स्टाफ ने भी रक्तदान कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस मौके पर सभी महादानियों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बता दें कि इंस्टीट्यूट में समय-समय पर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन होता रहता है, जिसमें हर बार बड़ी संख्या में यहां के छात्र-छात्राएं रक्तदान करते हैं। इस बार भी उनमें रक्तदान को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया।
सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर का उद्घाटन बीकेटी के विधायक अविनाश त्रिवेदी ने किया। इस दौरान उनके साथ इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक महेश गोयल भी मौजूद थे। शिविर में केजीएमयू की टीम ने रक्तदान कराया। इस मौके पर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एके भारद्वाज, अमरेश गुप्ता, प्राचार्य डॉ. आकाश वेद, एचओडी शिव कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
इसलिए किया रक्तदान
मेरी चाची की बीमारी में मुझे रक्तदान का महत्व पता चला। इसीलिए मैंने रक्तदान किया। मैं चाहती हूं कि मेरा खून किसी के काम आए।
-शिवांगी सिंह, छात्रा
पहली बार रक्तदान कर बड़ा सुकून मिला। लोग रक्तदान जरूर करें। इससे खुद का स्वास्थ्य तो अच्छा रहता ही है, हम दूसरों की जान भी बचा सकते हैं।
-अमन खान, छात्र
मुझे रक्तदान की प्रेरणा पापा से मिली। किसी जरूरतमंद की जान बचाने में मेरा खून काम आ जाए तो इससे बढ़कर जनसेवा और क्या हो सकती है।
-स्वातिका श्रीवास्वत, असिस्टेंट प्रोफेसर
मैं 17 साल की उम्र से रक्तदान कर रहा हूं। बचपन में नाना की तबीयत खराब होने पर मुझे रक्त का मोल पला चला। रक्तदान से सुखद अनुभूति होती है।
-अजय कुमार शुक्ला, असिस्टेंट एडमिन ऑफिसर