किताब लेकर परीक्षा में बैठ सकेंगे यूपी के स्टूडेंट्स
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अगले सत्र से यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल में पाठ्य पुस्तक ले जाने की इजाजत होगी। यह सुझाव मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का है। इस पर अमल की दिशा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने काम शुरू कर दिया है।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द इसके लिए विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया जाएगा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकना एक बड़ी चुनौती है।
यूरोप के कई देशों में विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान पाठ्यपुस्तक ले जाने की अनुमति दी जाती है। शिक्षाविदों ने पाया कि वहां विद्यार्थियों को नकल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
परीक्षा में स्टूडेंट्स के ऐसे काम आएगी किताब
हालांकि, किताब साथ होने के बावजूद वे पूछे गए सवाल का उत्तर तभी दे सकते हैं, जब उन्होंने पहले से पूरी किताब पढ़ी हो। इस व्यवस्था में प्रश्नपत्र इस तरह से तैयार किए जाते जाता हैं कि उसका जवाब हू-ब-हू पाठ्य पुस्तक में नहीं होता।
इससे मिला ज्ञान सिर्फ उत्तर देने में मदद कर सकता है। यानी किताब के किसी अंश को उतारकर काम नहीं चल सकता। हाल ही में मुख्यमंत्री ने शिक्षामंत्री बलराम यादव और प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार को उसी पैटर्न पर पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 से यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान किताब ले जाने की अनुमति होगी। इसके लिए गठित होने वाली विशेषज्ञ समिति बताएगी कि नई व्यवस्था को किस तरह से लागू किया जाना है और पाठ्यक्रम में क्या फेरबदल करने होंगे।