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Lucknow News: बदलती जीवनशैली, कम नींद और नियमित जांच की कमी से बढ़ रहे स्ट्रोक
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लखनऊ। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन (आईएसए) का 18वां वार्षिक सम्मेलन गुरुवार को सरोजनी नगर के कानपुर रोड स्थित होटल में हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख डॉक्टर और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आईएसए की नई कार्यकारी समिति में डॉ. निर्मल सूर्या अध्यक्ष, डॉ. पी विजया निर्वाचित अध्यक्ष और डॉ. अरविंद शर्मा सचिव के रूप में शामिल हुए।
आईएसए अध्यक्ष डॉ. सूर्या ने स्ट्रोक को बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने आईएनएससी 2025 को स्ट्रोक देखभाल में महत्वपूर्ण कदम बताया। आईएसए सचिव डॉ. डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि भारत में हर मिनट तीन लोग स्ट्रोक का शिकार होते हैं। बदलती जीवनशैली, कम नींद और नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी इसके मुख्य कारण हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा में सुधार और आधुनिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञों ने स्ट्रोक की रोकथाम, जल्द पहचान और मरीजों के पुनर्वास पर विस्तार से चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सम्मेलन की सराहना की। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने दुनियाभर में स्ट्रोक देखभाल में सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में अमेरिका से डॉ. मार्क पार्सन और डॉ. सीन एल साविट्ज, सिंगापुर से प्रो. विजय कुमार शर्मा ने विशेष योगदान दिया। सम्मेलन में आईएएन और एपीआई के साथ एक संयुक्त सत्र हुआ, जिसमें युवा स्ट्रोक विशेषज्ञों और छात्रों को शोध प्रस्तुत करने का मौका मिला।
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आईएसए अध्यक्ष डॉ. सूर्या ने स्ट्रोक को बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने आईएनएससी 2025 को स्ट्रोक देखभाल में महत्वपूर्ण कदम बताया। आईएसए सचिव डॉ. डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि भारत में हर मिनट तीन लोग स्ट्रोक का शिकार होते हैं। बदलती जीवनशैली, कम नींद और नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी इसके मुख्य कारण हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा में सुधार और आधुनिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञों ने स्ट्रोक की रोकथाम, जल्द पहचान और मरीजों के पुनर्वास पर विस्तार से चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सम्मेलन की सराहना की। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने दुनियाभर में स्ट्रोक देखभाल में सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
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सम्मेलन में अमेरिका से डॉ. मार्क पार्सन और डॉ. सीन एल साविट्ज, सिंगापुर से प्रो. विजय कुमार शर्मा ने विशेष योगदान दिया। सम्मेलन में आईएएन और एपीआई के साथ एक संयुक्त सत्र हुआ, जिसमें युवा स्ट्रोक विशेषज्ञों और छात्रों को शोध प्रस्तुत करने का मौका मिला।
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