यूपी में राज्य कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, शासन ने मानी मांगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में शासन से वार्ता के बाद राज्य कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल को स्थगित करने की घोषणा की है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को शासन के अधिकारियों व कर्मचारी नेताओं के बीच वार्ता के बाद हड़ताल स्थगित करने पर सहमति बनी।
शासन की तरफ से कर्मचारी नेताओं को कैशलेश इलाज सहित अन्य कुछ मांगों के बारे में 15 दिन के भीतर शासनादेश जारी कर देने का आश्वासन दिया है।
दो घंटे से ऊपर चली वार्ता में तय हुआ है कि कैशलेश इलाज के बारे में अब कोई डिस्कशन नहीं होगा और उसका सीधे शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। शेष के बारे में कर्मचारी नेताओं के साथ लगातार बैठक करके 15 दिन में उनका भी शासनादेश कर दिया जाएगा।
इससे पहले मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर के माध्यम से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी को वार्ता का बुलावा भेजा।
जिलाधिकारी की मध्यस्थता में बातचीत होने के बाद शाम 6 बजे से वार्ता तय हुई। वार्ता में शासन की तरफ से मुख्य सचिव के अलावा एपीसी प्रदीप भटनागर व कई विभागों के प्रमुख सचिव व लखनऊ के जिलाधिकारी ने हिस्सा लिया।
'शासन ने की टालमटोल तो जाएंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर'
हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि उन्होंने शासन से इस बार कर्मचारियों के साथ कोई छल या टालमटोल न करने का आग्रह किया है। साथ ही बता दिया है कि आश्वासनों के बारे में टालमटोल हुई तो अबकी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
एपीसी से वार्ता के बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल भी स्थगित
संविदा सफाई कर्मियों की भर्ती में आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर चल ही हड़ताल को फिलहाल एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त व राज्य उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष प्रदीप भटनागर से बृहस्पतिवार को हुई वार्ता के बाद हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। डीएम राजशेखर की पहल पर हुई वार्ता में एपीसी के अनुरोध पर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को स्थगित करने की घोषणा की है।
उप्र सफाई मजदूर संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक दुर्गेश बाल्मिकी और स्थानीय निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने बताया कि एपीसी ने एक महीने तक भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कराने का आश्वान दिया है। साथ ही आरक्षण समाप्त करने के संबंध में सरकार से वार्ता करने को कहा है।