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UP: बिजली कर्मियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, ऊर्जा मंत्री बोले- संविदाकर्मी ने काम बंद किया तो तभी जाएगी नौकरी

Fri, 17 Mar 2023 12:31 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 17 Mar 2023 12:31 AM IST
सार

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से समिति के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों की डालीबाग स्थित फील्ड हॉस्टल में सभा हुई। इसमें एलान किया गया कि उत्तर प्रदेश के बिजलीकर्मियों की हड़ताल के समर्थन में देशभर के 27 लाख बिजलीकर्मी सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।

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Strike of power corporation workers begins in Uttar Pradesh
एके शर्मा - फोटो : amar ujala

विस्तार

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के साथ कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारी रात 10 बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और काम पर डटे कर्मियों से अभद्रता करने वालों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई होगी।

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संविदाकर्मी एवं आउटसोर्सिंग कर्मी हड़ताल पर गए तो तत्काल उनकी सेवा समाप्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी सहित अन्य उपक्रमों एवं विभिन्न मैन पावर एजेंसियों में तकनीकी कर्मचारियों को रिजर्व रखा गया है। सभी निगमों को रिजर्व कर्मियों की सूची दी गई है। जहां जरूरत पड़ेगी बुलाया जाएगा। उन्होंने हड़ताल से निपटने के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया है। विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारियों ने रात 10 बजे से हड़ताल शुरू कर दिया है। इस बीच समिति से जुड़े कुछ नेता भूमिगत हो गए हैं।

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गुरुवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से समिति के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों की डालीबाग स्थित फील्ड हॉस्टल में सभा हुई। इसमें एलान किया गया कि उत्तर प्रदेश के बिजलीकर्मियों की हड़ताल के समर्थन में देशभर के 27 लाख बिजलीकर्मी सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। बिजली कर्मियों को गिरफ्तार किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ जेल भरो आंदोलन शुरू होगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स(एनसीसीओईईई) के राष्ट्रीय संयोजक प्रशांत चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उत्तर प्रदेश की न होकर अब पूरे देश की हो गई है।

पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल पी. रत्नाकर राव, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से चलने वाली हड़ताल में बिजलीकर्मियों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न किया गया तो पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू होगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि वार्ता के दौरान ऊर्जा मंत्री कमेटी बनाने की बात कह रहे थे, लेकिन अब कमेटी का कोई मतलब नहीं है। 

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हड़ताल पर जाते ही खत्म होगी नौकरी- एके शर्मा
ऊर्जा मंत्री के शर्मा ने कहा कि हड़ताल पर जाने वाले संविदाकर्मियों की तत्काल नौकरी खत्म की जाएगी। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और काम करने वालों को रोकने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। पूरे प्रदेश में एस्मा लागू है। ऐसे में जनता को किसी भी स्तर पर तकलीफ पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी को असुविधा हो तो तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें। सभी जगह आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि मार्च माह अहम है। इसलिए हड़ताल खत्म करने की अपील है। बातचीत के लिए तैयार हैं। कुछ हठधर्मी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। वे आंदोलन बढ़ने की बात के रहे हैं। कई संगठनों ने हमारी बात को समझा और जनहित में अलग रहने का फैसला लिया है। इसमें यूपी पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रभक्ति दिखाई है। उनके साथ लेखा कर्मचारी संघ, तकनीकी संघ सहित तमाम संगठनों ने हड़ताल से खुद को अलग करते हुए जनहित में दो घंटे अतिरिक्त काम करने का फैसला लिया है। 

आफिसर एसोसिएशन सरकार के साथ
हड़ताल से अलग रहने वाले उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने मोर्चा संभाल लिया है। एसोसिएशन के साथ कई अन्य संगठन भी आ गए हैं। गुरुवार को एसोसिएशन केंद्रीय कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया कि जिस तरह से दो दिन से चल रहे कार्य बहिष्कार की तरह ही रात 10 बजे से होने वाली हड़ताल में भी पूरी तत्परता से कार्य किया जाएगा। जनता को किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन अभियंता अधिकारियों को विशेष तौर से जिम्मेदारी दी गई है जो फील्ड में न कार्यरत होकर अटैच पद पर कार्य कर रहे हैं, क्योंकि वह बिजली ब्रेकडाउन सहित अन्य ब्रेक डाउन के लिए दक्ष हैं। उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, एसपी सिंह, पीएम प्रभाकर, अनिल कुमार, आरपी केन, अजय कुमार, राजेश कुमार, राम बरन आदि बैठक में मौजूद रहे।

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