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आज ही निपटा लें अपने सभी जरूरी काम, कल और परसों बैंकों में रहेगी हड़ताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 29 May 2018 12:02 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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बुधवार व गुरुवार को होने वाली हड़ताल रोकने के लिए मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैंक यूनियनों की वार्ता विफल हो गई है। इसलिए इस महीने के आखिरी दोनों दिन बैंकों में हड़ताल होना तय है। यूनियनों ने दोनों दिन व्यापक प्रदर्शनों की तैयारी की है। आमजन को बैंकों से जुड़े कार्य पूरे करने के लिए केवल मंगलवार का दिन मिल रहा है।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूबीएफयू) द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) ने बैंक कर्मियों व अधिकारियों को मात्र दो प्रतिशत वेतन वृद्धि दी थी। इसके खिलाफ वे आंदोलन पर हैं। यूबीएफयू के अनुसार, तमाम आंदोलनों के बावजूद आईबीए ने वेतन वृद्धि पर विचार करने से इन्कार कर दिया है।
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ऐसे में उनके सामने हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। बैंक कर्मियों को यह वेतन वृद्धि एक नवंबर 2017 से मिलनी थी लेकिन आईबीए ने इसके लिए वार्ता देर से शुरू की।
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करीब 10 बार बातचीत के बाद उसने केवल दो प्रतिशत की वृद्धि दी है जो नाकाफी है। बैंक कर्मियों का कहना है कि ऐसे समय जब देश की महंगाई दर पांच से आठ प्रतिशत के बीच रहती है, दो प्रतिशत की वेतन वृद्धि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर देगी।
प्राइवेट बैंक कर्मियों का नैतिक समर्थन
हड़ताल में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी शामिल होंगे। निजी क्षेत्र के बैंकों का स्टाफ इसमें आधिकारिक रूप से शामिल नहीं होगा। लेकिन बैंक यूनियनों के अनुसार, वे अनौपचारिक रूप से हड़ताल में शामिल होकर नैतिक समर्थन देंगे। इस दौरान कुछ समय के लिए प्राइवेट बैंक भी बंद रह सकते हैं।