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जिस स्कूल से की पढ़ाई अब उसी में हैं प्रिंसिपल, मिल चुके कई पुरस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 05 Sep 2018 04:18 PM IST
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राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजे जाएंगे वीरेंद्र सिंह
- फोटो : amar ujala
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राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित वीरेंद्र सिंह ने जिस विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ली थी उसी विद्यालय में अब वे प्रधानाध्यापक हैं। वीरेंद्र विकास खंड काकोरी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरोसा में पिछले डेढ़ साल से प्रधानाध्यापक हैं।
उन्होंने यहां से कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए नाम आने के बाद पूरे परिवार और साथी शिक्षकों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया।
हमारा हमेशा उद्देश्य रहा है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करें। शिक्षक को चाहिए कि वे समय का अनुपालन करते हुए पूरी निष्ठा और लगन के साथ गुणवत्ता परक शिक्षा देने का कार्य करें। उनको पहचान जरूर मिलेगी।
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उन्होंने यहां से कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए नाम आने के बाद पूरे परिवार और साथी शिक्षकों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया।
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हमारा हमेशा उद्देश्य रहा है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करें। शिक्षक को चाहिए कि वे समय का अनुपालन करते हुए पूरी निष्ठा और लगन के साथ गुणवत्ता परक शिक्षा देने का कार्य करें। उनको पहचान जरूर मिलेगी।
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काकोरी में हुई पहली बार नियु्क्ति
वीरेंद्र सिंह
- फोटो : amar ujala
वीरेंद्र ने आलमबाग स्थित मॉडर्न वोकेशनल इंटर कॉलेज से हाईस्कूल, गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई करने केबाद कानपुर विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई पूरी की। सरोजनीनगर ब्लॉक के गांव उदयतखेड़ा में जन्मे वीरेंद्र की प्राथमिक विद्यालय दोना, काकोरी में 25 फरवरी 1991 में पहली बार सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हुई थी।
वर्ष 2016 में जब वे प्राथमिक विद्यालय पानखेड़ा में तैनात थे तब प्रदेश सरकार ने उनके नेतृत्व में विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय घोषित किया और उन्हें एक लाख 20 हजार रुपये नगद धनराशि से पुरस्कृत किया गया। यह विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्हें आदर्श शिक्षक के रूप में सम्मानित कर चुके हैं।
वर्ष 2016 में जब वे प्राथमिक विद्यालय पानखेड़ा में तैनात थे तब प्रदेश सरकार ने उनके नेतृत्व में विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय घोषित किया और उन्हें एक लाख 20 हजार रुपये नगद धनराशि से पुरस्कृत किया गया। यह विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्हें आदर्श शिक्षक के रूप में सम्मानित कर चुके हैं।