{"_id":"5bc5c6b9bdec22698f4cad8e","slug":"story-of-choti-kali-ji-mandir","type":"story","status":"publish","title_hn":"400 साल से ज्यादा पुराना है ये मंदिर, यहां से जोत ले जाते हैं श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
400 साल से ज्यादा पुराना है ये मंदिर, यहां से जोत ले जाते हैं श्रद्धालु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 16 Oct 2018 04:38 PM IST
विज्ञापन
छोटी काली जी मंदिर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ चौक में चूड़ी वाली गली की लंबी ढलान खत्म होने के बाद आखिरी छोर पर जैन मंदिर के सामने वाली सड़क पर छोटी काली जी का प्राचीन मंदिर है। यह नगर का दूसरा सबसे प्राचीन छोटी काली जी का मंदिर है।
मंदिर में मां काली के साथ ही राम दरबार, राधाकृष्ण, शिवाला, गणेश जी समेत तमाम इष्टदेव विराजे हैं। इलाके में नजदीक ही दो काली जी मंदिर कालांतर में हुए तो नाम छोटी काली जी मंदिर से विख्यात हो गया। छोटी काली जी मंदिर में काली जी की प्रतिमा विराजमान है।
नगर में होने वाले देवी जागरण के लिये श्रद्धालु यहां से जोत भी ले जाते हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि मंदिर करीब 400 साल से ज्यादा पुराना है। यहां स्थापित प्रतिमा मंदिर परिसर में ही स्थित एक पुराने कुएं से निकली बताई जाती है, जिसे यहां स्थापित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर में मां काली के साथ ही राम दरबार, राधाकृष्ण, शिवाला, गणेश जी समेत तमाम इष्टदेव विराजे हैं। इलाके में नजदीक ही दो काली जी मंदिर कालांतर में हुए तो नाम छोटी काली जी मंदिर से विख्यात हो गया। छोटी काली जी मंदिर में काली जी की प्रतिमा विराजमान है।
विज्ञापन
नगर में होने वाले देवी जागरण के लिये श्रद्धालु यहां से जोत भी ले जाते हैं। श्रद्धालु बताते हैं कि मंदिर करीब 400 साल से ज्यादा पुराना है। यहां स्थापित प्रतिमा मंदिर परिसर में ही स्थित एक पुराने कुएं से निकली बताई जाती है, जिसे यहां स्थापित किया गया।
विज्ञापन