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आहट से बढ़ गई मंत्रीजी की टेंशन
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 03 Jan 2014 10:49 AM IST
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पूर्वांचल की एक सीट पर एक मंत्री के परिवारीजन मैदान में हैं तो उनके सामने मौजूदा सांसद के परिवारीजन आ डटे हैं।
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इधर एक खबर से मंत्रीजी की टेंशन कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। यह खबर है कि उनकी ही पार्टी में रहे एक सांसद को एक दूसरे दल ने उनके ही क्षेत्र से तैयारी का संकेत कर दिया है।
सांसदजी को तमाम प्रयास के बावजूद अपने मौजूदा क्षेत्र से टिकट मिलने का आश्वासन नहीं मिल पाया है। मंत्रीजी की टेंशन है कि एक ही बिरादरी के दो लोगों के आने से समीकरण गड़बड़ा सकता है।
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बिरादरी वाले ज्यादा मजबूत नजर आने वाले के साथ जा सकते हैं। दूसरा, बिरादरी यह भी सोच सकती है कि इनके परिवार में तो मंत्री हैं ही, दूसरे की सांसदी ही कम से कम बरकरार रखी जाए।
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चिंता यह भी है कि अंबेडकरनगर में एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या के बाद अवध क्षेत्र में वैसे ही पार्टी के खिलाफ माहौल बना हुआ है, यदि बिरादरी भी बंट गई तो चुनाव की पूंजी ही क्या बचेगी?
खैर इसके पहले की तस्वीर ज्यादा साफ हो, वह इस कोशिश में हैं कि अगर सांसदजी को उनके इलाके से टिकट नहीं मिल रहा है तो किसी दूसरे इलाके की ओर रुख करें क्योंकि वह बड़े नेता ठहरे।
चाहे जहां जाएंगे जीत जाएंगे। इससे भाईचारा भी बना रहेगा और बिरादरी भी निश्चिंत रहेगी।