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मैम भी हो गईं बेगानी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 12 Feb 2014 10:40 AM IST
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अपने खां साहब जिस तरह से चर्चा में रहते हैं वैसे ही उनका विभाग भी चर्चा में रहता है।
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उनके विभाग में प्रमुख साहब की काट के लिए मैम को लाया गया। विभागीय अधिकारियों को लगा कि अब सब-कुछ ठीक से चलेगा। मैम का पर्सनल कुनबा भी खूब हराभरा हुआ।
इस कुनबे में लोगों को बात करने तक की फुर्सत नहीं थी। मैम के कैंप में चारों तरफ बस फाइलें ही फाइलें दिखने लगीं। पर यह रंगत अधिक दिनों तक नहीं दिखी।
जरा सी खटपट की वजह से जहां चारों तरफ फाइलों का अंबार रहता था, वहां अब सन्नाटा दिखने लगा।
मैम से मिलने के लिए पहुंचे कुछ लोगों को यह देखकर अच्छा नहीं लगा, सो उन्होंने पूछ ही लिया कि भैया यहां कुछ खाली-खाली नहीं लग रहा है।
पर्सनल कुनबे वाले बेचारे क्या कहते हैं, वहां खड़े तीसरे व्यक्ति ने बस धीरे से इतना कहा कि अब वो बात कहां।