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लग्जरी कार एजेंसियों का मालिक बन ठगने वाले गिरोह का मास्टर माइंड धरा
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एसटीएफ ने गिरोह के मास्टरमाइंड को पकड़ा।
- फोटो : ??? ?????
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लग्जरी कार एजेंसियों का मालिक बनकर ठगने वाले गिरोह के मास्टर माइंड तौसीब अहमद को एसटीएफ ने शुक्रवार को पारा से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व बिहार सहित कई राज्यों में लग्जरी कार एजेंसियाें का मालिक बनकर उनके ही कर्मचारियों के जरिये करोड़ों रुपये ठग लेता था।
आरोपी तौसीब कई व्यापारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। इस गिरोह के चार सदस्यों को एसटीएफ ने 12 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसमें तौसीब भी था।
13 मई को जेल से सभी रिहा हुए और मास्टरमाइंड ने अहमदाबाद के एक कार शोरूम का मालिक बनकर एक करोड़ रुपये पार कर दिए।
आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना अहमदाबाद पुलिस को दी गई है। मामले में एक अन्य की तलाश की जा रही है। जो गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, मूलरूप से हरदोई के जैदीपुर का रहने वाला तौसीब अहमद पारा के विक्रम नगर में रहता है।
तौसीब अपने गिरोह में बिहार के युवकों को शामिल किया है। गिरोह के सदस्य बिहार के सिवान निवासी रानू सिंह, गोपालगंज का राहुल सिंह, निहाल सिंह और पंकज शाह मार्च में पकड़े गये थे। इसमें गिरोह का सरगना रानू को बताया गया था।
रानू ने जब लखनऊ की मर्सिडीज वेंज कार की एजेंसी लेने वाले एसआरएम स्मार्ट हुप्स प्रा. लि., होंडा कार की दिल्ली स्थित एजेंसी सुगोई मोटर्स प्रा. लि. का चीफ फाइनेंस अधिकारी बनकर ठगी की थी। रानू ने ही तौसीब के बारे में जानकारी दी थी।
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व्हाट्सएप काल व मेसेज से करते थे ठगी
प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, यह गिरोह बड़ी एजेंसी का मालिक बनकर वहां के सीए को व्हाट्सएप कॉल या मेसेज करता था। डीपी पर एजेंसी मालिक की फोटो लगा देते थे और कहते थे कि दिनभर की आरटीजीएस के जरिये भेजी गई रकम का ब्योरा भेजो। साथ ही दो चेक की फोटो भी मंगा लेते थे। फिर बैंक अधिकारियों को चेक भेज कर जाली दस्तावेजों से कई जिलों में खोले गए 14 बैंक खातों में खातों में रकम स्थानांतरित करा लेते थे।
बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की कुंडली खंगाली जा रही
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, तौसीब ने पूछताछ में कुबूला कि बैंक मैनेजर को भी मालिक की फोटो डीपी में लगा कर चेक का ब्योरा देते थे। इससे बैंक अधिकारी भी अंदाजा नहीं लगा पाते थे। हालांकि कुछ ऐसे लेन-देन भी इन लोगों ने किए जो पकड़ जा सकते थे। इसी आधार पर एसटीएफ बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की कुंडली भी खंगाल रही है।
जेल से छूटते ही ओसियन मार्ट के मालिक को ठगा
एसएसपी एसटीएफ के मुताबिक, 13 मई को लखनऊ जेल से रिहा होने के बाद तौसीब ने अहमदाबाद के ओसियन मार्ट का मालिक बनकर एक करोड़ रुपये की ठगी की। इसके पहले गिरोह ने मर्सडीज बेंज कार एजेंसी लखनऊ का मालिक व सुगोई मोटर्स प्राइवेट कंपनी का चीफ फाइनेंस ऑफिसर बनकर नेट बैंकिंग के जरिये लगभग 78 लाख रुपयों की ठगी की थी।
व्हाट्सएप कॉल से चलाता था गिरोह
मास्टरमाइंड ने पूछताछ में कुबूला कि वह गिरोह के सदस्यों से बातचीत के लिए इंटरनेट या व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल करते थे। साथियों के रुकने के लिए होटल व ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी खुद उठाता था। जयपुर में 2021 में महिंद्रा एजेंसी का मालिक बनकर 49 लाख की ठगी कर चुका है, लेकिन जयपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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आरोपी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व बिहार सहित कई राज्यों में लग्जरी कार एजेंसियाें का मालिक बनकर उनके ही कर्मचारियों के जरिये करोड़ों रुपये ठग लेता था।
आरोपी तौसीब कई व्यापारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। इस गिरोह के चार सदस्यों को एसटीएफ ने 12 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसमें तौसीब भी था।
13 मई को जेल से सभी रिहा हुए और मास्टरमाइंड ने अहमदाबाद के एक कार शोरूम का मालिक बनकर एक करोड़ रुपये पार कर दिए।
आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना अहमदाबाद पुलिस को दी गई है। मामले में एक अन्य की तलाश की जा रही है। जो गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, मूलरूप से हरदोई के जैदीपुर का रहने वाला तौसीब अहमद पारा के विक्रम नगर में रहता है।
तौसीब अपने गिरोह में बिहार के युवकों को शामिल किया है। गिरोह के सदस्य बिहार के सिवान निवासी रानू सिंह, गोपालगंज का राहुल सिंह, निहाल सिंह और पंकज शाह मार्च में पकड़े गये थे। इसमें गिरोह का सरगना रानू को बताया गया था।
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रानू ने जब लखनऊ की मर्सिडीज वेंज कार की एजेंसी लेने वाले एसआरएम स्मार्ट हुप्स प्रा. लि., होंडा कार की दिल्ली स्थित एजेंसी सुगोई मोटर्स प्रा. लि. का चीफ फाइनेंस अधिकारी बनकर ठगी की थी। रानू ने ही तौसीब के बारे में जानकारी दी थी।
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व्हाट्सएप काल व मेसेज से करते थे ठगी
प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, यह गिरोह बड़ी एजेंसी का मालिक बनकर वहां के सीए को व्हाट्सएप कॉल या मेसेज करता था। डीपी पर एजेंसी मालिक की फोटो लगा देते थे और कहते थे कि दिनभर की आरटीजीएस के जरिये भेजी गई रकम का ब्योरा भेजो। साथ ही दो चेक की फोटो भी मंगा लेते थे। फिर बैंक अधिकारियों को चेक भेज कर जाली दस्तावेजों से कई जिलों में खोले गए 14 बैंक खातों में खातों में रकम स्थानांतरित करा लेते थे।
बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की कुंडली खंगाली जा रही
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, तौसीब ने पूछताछ में कुबूला कि बैंक मैनेजर को भी मालिक की फोटो डीपी में लगा कर चेक का ब्योरा देते थे। इससे बैंक अधिकारी भी अंदाजा नहीं लगा पाते थे। हालांकि कुछ ऐसे लेन-देन भी इन लोगों ने किए जो पकड़ जा सकते थे। इसी आधार पर एसटीएफ बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की कुंडली भी खंगाल रही है।
जेल से छूटते ही ओसियन मार्ट के मालिक को ठगा
एसएसपी एसटीएफ के मुताबिक, 13 मई को लखनऊ जेल से रिहा होने के बाद तौसीब ने अहमदाबाद के ओसियन मार्ट का मालिक बनकर एक करोड़ रुपये की ठगी की। इसके पहले गिरोह ने मर्सडीज बेंज कार एजेंसी लखनऊ का मालिक व सुगोई मोटर्स प्राइवेट कंपनी का चीफ फाइनेंस ऑफिसर बनकर नेट बैंकिंग के जरिये लगभग 78 लाख रुपयों की ठगी की थी।
व्हाट्सएप कॉल से चलाता था गिरोह
मास्टरमाइंड ने पूछताछ में कुबूला कि वह गिरोह के सदस्यों से बातचीत के लिए इंटरनेट या व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल करते थे। साथियों के रुकने के लिए होटल व ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी खुद उठाता था। जयपुर में 2021 में महिंद्रा एजेंसी का मालिक बनकर 49 लाख की ठगी कर चुका है, लेकिन जयपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।