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रहें सावधान : वन विभाग में भर्तियों के लिए निकाला फर्जी विज्ञापन, ट्रेनिंग के लिए मांगे 22300 रुपये
Sat, 12 Oct 2019 04:39 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 12 Oct 2019 04:39 PM IST
सार
- जालसाजों के खिलाफ एफआईआर के आदेश
- जिन पदों का वजूद ही नहीं, उन पर भी मांगे गए आवेदन
- वन मुख्यालय का पता व राज चिह्न का भी किया प्रयोग
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विस्तार
वन विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए फर्जी विज्ञापन निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है। विज्ञापन में जालसाजों ने वन मुख्यालय का पता और भारत सरकार के राज्य चिह्न का भी प्रयोग किया है। ट्रेनिंग के नाम पर 22300 रुपये नकद मांगे हैं।
विज्ञापन में उन पदों को भी शामिल किया गया है जो विभाग में है ही नहीं। इसमें वन विभाग के ही कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर जालसाजों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं।
इस फर्जी विज्ञापन में वन सर्वेक्षण अधिकारी, वन रक्षक और वन क्षेत्रपाल के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जबकि, विभाग में वन सर्वेक्षण अधिकारी या वन क्षेत्रपाल का कोई पद ही नहीं हैं। वहीं, वन रक्षक के पद नियुक्ति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से ही किए जाने का प्रावधान है। जालसाजों ने आवेदन पत्र के साथ जमानत राशि के लिए आवश्यक निर्देश के साथ ही तमाम नियमों की लिस्ट भी जारी की है।
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इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि आवेदकों को नियुक्ति पत्र पहुंचने के दो दिन के बाद सिक्योरिटी राशि 22300 रुपये नकद बैंक खाते में जमा करनी होगी। चेक, डीडी या ड्राफ्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जबकि, प्रदेश की किसी भी परीक्षा में नकद राशि न लिए जाने के नियम का कड़ाई से पालन किया जाता है। यह राशि ट्रेनिंग के एवज में जमानत राशि के तौर पर लेने की बात कही गई है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर राशि वापस करने का वादा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि बीच में ट्रेनिंग छोड़ने पर जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
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विज्ञापन में उन पदों को भी शामिल किया गया है जो विभाग में है ही नहीं। इसमें वन विभाग के ही कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर जालसाजों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं।
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इस फर्जी विज्ञापन में वन सर्वेक्षण अधिकारी, वन रक्षक और वन क्षेत्रपाल के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जबकि, विभाग में वन सर्वेक्षण अधिकारी या वन क्षेत्रपाल का कोई पद ही नहीं हैं। वहीं, वन रक्षक के पद नियुक्ति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से ही किए जाने का प्रावधान है। जालसाजों ने आवेदन पत्र के साथ जमानत राशि के लिए आवश्यक निर्देश के साथ ही तमाम नियमों की लिस्ट भी जारी की है।
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इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि आवेदकों को नियुक्ति पत्र पहुंचने के दो दिन के बाद सिक्योरिटी राशि 22300 रुपये नकद बैंक खाते में जमा करनी होगी। चेक, डीडी या ड्राफ्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जबकि, प्रदेश की किसी भी परीक्षा में नकद राशि न लिए जाने के नियम का कड़ाई से पालन किया जाता है। यह राशि ट्रेनिंग के एवज में जमानत राशि के तौर पर लेने की बात कही गई है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर राशि वापस करने का वादा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि बीच में ट्रेनिंग छोड़ने पर जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
विज्ञापन में कई लुभावने वादे
यह भी कहा गया है कि विभाग आवेदक के परिवार को निशुल्क चिकित्सा और खाद्य पदार्थ पर सब्सिडी की सुविधा देगा। विज्ञापन में 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 6 लाख रुपये का आपातकाल बीमा का लाभ दिए जाने का लुभावना वादा भी किया गया है।
यह भी कहा गया है कि आवेदक को सातवां वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। तैनाती घर से 50 किलोमीटर से ज्यादा होने पर आवास, भोजन और निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। आवेदक को प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन दिए जाने की बात भी कही गई है। आठ घंटे से ज्यादा काम करने पर ओवरटाइम मिलेगा।
जारी विज्ञापन में कहा गया है कि आवेदक को किसी भी तरह का कोई डिप्लोमा नहीं देना होगा। नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी, जोकि सीधी भर्ती से मिलेगी। गृह राज्य या देश में कहीं भी तैनाती दी जा सकती है।
इस मामले में वन मुख्यालय ने अवध प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वन विभाग ने लोगों से अपील भी की है कि यह विज्ञापन पूर्णतया फर्जी है। इसलिए जालसाजों के चंगुल में न फंसें।
यह भी कहा गया है कि आवेदक को सातवां वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। तैनाती घर से 50 किलोमीटर से ज्यादा होने पर आवास, भोजन और निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। आवेदक को प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन दिए जाने की बात भी कही गई है। आठ घंटे से ज्यादा काम करने पर ओवरटाइम मिलेगा।
जारी विज्ञापन में कहा गया है कि आवेदक को किसी भी तरह का कोई डिप्लोमा नहीं देना होगा। नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी, जोकि सीधी भर्ती से मिलेगी। गृह राज्य या देश में कहीं भी तैनाती दी जा सकती है।
इस मामले में वन मुख्यालय ने अवध प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वन विभाग ने लोगों से अपील भी की है कि यह विज्ञापन पूर्णतया फर्जी है। इसलिए जालसाजों के चंगुल में न फंसें।