फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   State govt can not remove mayors says mayors council.

मेयरों को नहीं हटा सकती राज्य सरकार: मेयर काउंसिल

Tue, 07 Apr 2015 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 07 Apr 2015 01:06 PM IST
विज्ञापन
State govt can not remove mayors says mayors council.

मेयर काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि संविधान के 74वें संशोधन में दी गई व्यवस्था के मुताबिक राज्य सरकार मेयरों को नहीं हटा सकती है। संविधान के तहत बनी निकाय अधिनियम की धारा 243-जी में मेयर को हटाने का अधिकार किसी के पास नहीं।

विज्ञापन


इसके बाद भी उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक- 2015 में 16- ए जोड़ते हुए हटाने का प्रावधान कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। मेयर काउंसिल ने  राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन देकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की।
विज्ञापन


डॉ शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेयरों को शहर के प्रमुख नागरिक का दर्जा प्राप्त होता है। वे शहरों के विकास के लिए काम करते हैं। मगर राज्य सरकार उन्हें एक लाइन के पत्र के जरिये हटा देना चाहती है। जबकि विधायक व सांसद की तरह मेयर भी लाखों-लाख वोट से जीतकर आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश के 12 नगर निगमों में से 10 में भाजपा के और इलाहाबाद में निर्दल मेयर हैं। इसलिए इन्हें किसी भी तरह से हटाने की साजिश की जा रही है। जबकि, सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव स्थानीय सरकारों की वकालत करते रहे हैं।

बसपा सरकार ने जब मेयर चुनाव प्रक्रिया बदलने का प्रयास किया, तो मुलायम सिंह ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि डॉ. राम मनोहर लोहिया स्थानीय निकायों को राजनीति की नर्सरी मानते थे।

पंचायतीराज व्यवस्था की अवमानना

State govt can not remove mayors says mayors council.

डॉ. शर्मा ने कहा कि चतुर्थ वित्त आयोग ने निकायों को आत्म निर्भर बनाने के लिए राजस्व में हिस्सेदारी 40 प्रतिशत करने की सिफारिश की। पर इसे घटाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया। उत्तर प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक की धारा 16- ए में महापौर को हटाने का प्रावधान किया गया जो कि संविधान के 74वें संशोधन की अवधारणा के बिल्कुल उलट है।

जनता से चुनकर आने वाले मेयरों को हटाना पंचायतीराज व्यवस्था की भी अवमानना है। भारत सरकार ने देश में एक समान नगरीय व्यवस्था के लिए आदर्श नगर पालिका अधिनियम (मॉडल म्यूनिसिपल एक्ट) सभी राज्यों से लागू करने का अपेक्षा की है, लेकिन यूपी में उसके उलट काम हो रहा है।

अंग्रेजों का कानून आजाद भारत में लागू करने की साजिश

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, उत्तर प्रदेश नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 में अंग्रेजी हुकूमत में तैयार हुआ था और राज्य सरकार इसे अब आजाद भारत में लागू करना चाहती है।

संविधान के 74वें संशोधन में भाग ‘9 क जोड़ते हुए पंचायतों की तरह नगर प्रशासन को अधिकार देने की बात कही गई। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्वकाल में स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए कुछ प्रयास हुए, अटल बिहारी वाजपेयी ने सुधारों को आगे बढ़ाया, मगर अब इसे खत्म करने की साजिश हो रही है।

इतना भी अधिकार नहीं कि चपरासी तक का कर सकें तबादला

State govt can not remove mayors says mayors council.

मेयर काउंसिल के सदस्यों ने कहा कि उनके पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे चपरासियों का तबादला तक कर सकें। वित्तीय अधिकार भी नाममात्र का उनके पास है। नगर आयुक्तों को 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये का वित्तीय अधिकार दे दिया गया।

इसके चलते मेयरों के पास विकास संबंधी अब पत्रावलियां ही नहीं आती हैं। यही नहीं इस सरकार ने डिप्टी मेयर का पद खत्म और कक्ष समितियां खत्म तक खत्म कर दीं। उन्होंने मांग की कि फेरी समिति का अध्यक्ष पूर्व की तरह फिर से उन्हें ही बनाया जाए। यातायात, नगरीय नियोजन, विकास प्राधिकरण, सूडा-डूडा, पर्यावरण, भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी अधिकार मेयरों को दिए जाएं।

एक्शन कमेटी तय करेगी आगे की रणनीति
उत्तर प्रदेश मेयर काउंसिल की बैठक अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें वाराणसी के मेयर रामगोपाल मोहले, गोरखपुर की डॉ. सत्या पांडेय, झांसी की किरन वर्मा, मेरठ के हरीकांत अहलूवालिया, मुरादाबाद की बीना अग्रवाल व इलाहाबाद की अभिलाषा गुप्ता के साथ पूर्व मेयरों में लखनऊ के डॉ. एससी राय, डॉ. दाऊ जी गुप्ता, गोरखपुर की अंजू चौधरी, मेरठ के सुशील गूजर व बरेली के सुभाष पटेल शामिल हुए।

इसमें रामगोपाल मोहले की अध्यक्षता में एक एक्शन कमेटी बनाने का फैसला किया गया। कमेटी में हरीकांत अहलूवालिया, सत्या पांडेय, अभिलाषा गुप्ता, बीना अग्रवाल, किरन वर्मा को शामिल किया गया है। संरक्षक पूर्व मेयर दाऊ जी गुप्ता व डॉ. एससी राय इसके संरक्षक होंगे। एक्शन कमेटी मेयरों के हक की लड़ाई के लिए रणनीति तैयार करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed