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37 अरब का घाटा, फिर भी अड़ी सरकार
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Mon, 18 Nov 2013 09:47 PM IST
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प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से सरकार को अब तक 37 अरब रुपये का नुकसान हो गया है।
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राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने दावा किया है कि सात दिनों की हड़ताल से सरकार को 3710 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।
इसमें वाणिज्य कर से ही 1400 करोड़ रुपये के नुकसान हुआ है। आबकारी विभाग को 700, राजस्व संग्रह व कर एवं निबंधन विभाग को 700-700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
परिवहन विभाग को भी हड़ताल से अब तक 210 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। सरकार ने सोमवार को भी हड़ताल से किसी भी प्रकार के नुकसान से इनकार किया है।
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पर जिद पर अड़ी सरकार
सरकार फिलहाल हड़ताली कर्मचारियों के आगे झुकने को तैयार नहीं है। शासन का साफ कहना है कि पहले हड़ताल खत्म की जाए उसके बाद वार्ता की जाएगी। शासन की तरफ से सोमवार को भी हड़ताल खत्म कराने के लिए कोई पहल नहीं की गई।
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प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक राजीव कुमार ने अलबत्ता एक अपील में कर्मचारियों से काम पर लौटने की बात कही। इसमें उन्होंने कहा, पहले हड़ताल खत्म की जाए, आगे वार्ता होती रहेगी।
सरकार मांगों पर विचार करेगी लेकिन जरूरी सेवाओं में बाधा डालना ठीक नहीं है और ऐसा करने वालों के साथ सख्ती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हड़ताली कर्मचारियों के साथ कोई बातचीत नहीं हुई। विभागाध्यक्षों को जरूरी सेवाएं सामान्य रखने के लिए सभी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मचारियों ने बढ़ाया दबाव
सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कर्मचारियों ने स्वास्थ्य समेत अन्य जरूरी सेवाओं को भी चरणबद्ध तरीके से हड़ताल के दायरे में लाना शुरू कर दिया है। शासन हड़ताली कर्मचारियों की गतिविधियों पर निगाह रखे हुए है। वार्ता की पहल न करके कर्मचारियों को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है शासन उनकी मांगों को मानने के मूड में कतई नहीं है।