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राज्य उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला : अंसल भूखंड के 14.08 लाख रुपये ब्याज सहित वापस करें, एक लाख का हर्जाना भी

Mon, 22 May 2023 07:37 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 22 May 2023 07:37 PM IST
सार

राज्य उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया था कि यथा संभव समझौता, सहमति के आधार पर अंतिम रूप से परिवादी की जमा रकम के मुताबिक उन्हें भूखंड प्रदान करे। बाकी रकम यदि परिवादी पर देय हो तो कंपनी प्राप्त कर ले। इस पर कंपनी राष्ट्रीय आयोग में चली गई जिस पर राष्ट्रीय आयोग ने पांच जुलाई 2021 के इस आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया।

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State Consumer Commission gave verdict: return Rs 14.08 lakh of Ansal plot with interest
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उपयुक्त स्थान पर भूखंड न देने के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंसल एपीआई एवं अंसल प्रापर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर को आदेश दिया है कि वह आवंटी का पैसा लौटाए। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार एवं सदस्य सुशील कुमार ने फैसला सुनाया कि आवंटी को उसकी जमा राशि 1408440 रुपये पर 10 प्रतिशत साधारण ब्याज भी अदा करे। एक लाख रुपये हर्जाना भी लगाया गया है।

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वृंदावन कालोनी लखनऊ निवासी चंद्रभान सिंह ने यह मामला राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष रखा था, जो पांच वर्षों से लंबित था। मै. अंसल एपीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं मै. अंसल प्रापर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध दायर किए गए इस परिवाद में वादी ने कहा कि इस कंपनी ने उपयुक्त स्थान पर उसे भूखंड का आवंटन नहीं किया, जबकि उसने 24 जून 2011 को 1408440 रुपये का भुगतान कर दिया था। इस मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया था कि यथा संभव समझौता, सहमति के आधार पर अंतिम रूप से परिवादी की जमा रकम के मुताबिक उन्हें भूखंड प्रदान करे। बाकी रकम यदि परिवादी पर देय हो तो कंपनी प्राप्त कर ले। इस पर कंपनी राष्ट्रीय आयोग में चली गई जिस पर राष्ट्रीय आयोग ने पांच जुलाई 2021 के इस आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया।
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कई सुनवाई के बाद राष्ट्रीय आयोग ने कहा कि इस प्रकरण को राज्य उपभोक्ता आयोग ही सुनवाई करे और तीन महीने में इसका निस्तारण कर दे। 13 फरवरी 2023 को राज्य उपभोक्ता आयोग ने इस पर आदेश पारित किया। इस पर कंपनी के अधिवक्ता ने प्रस्ताव रखा कि परिवादी को सारा पैसा ब्याज समेत दे दिया जाएगा। मामले का सही अनुपालन न होने पर फिर से इसकी सुनवाई हुई। आवंटी के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में अपेक्षित प्रक्रिया न अपनाते हुए कंपनी ने भूखंड की मूल धनराशि 11600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बजाय 30000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की मांग की गई तथा भूखंड का क्षेत्रफल 162 वर्ग मीटर घटाकर 110 वर्ग मीटर कर दिया गया। इस पर आयोग ने फैसला सुना दिया कि कंपनी आवंटी की रकम 1408440 रुपये जमा की गई तिथि से भुगतान के दिन तक 10 प्रतिशत ब्याज लगाकर वापस करे। चार सप्ताह में यह राशि वापस की जाए। इस समयावधि में पैसा न लौटाने पर ब्याज 12 प्रतिशत अदा करना होगा। इसके अलावा परिवादी को हर्जाने के रूप में 100000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 20 हजार रुपये भी इसी अवधि के भीतर अदा करे।

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