बागियों पर सपा में 'नो टॉलरेंस', बाप-बेटा निलंबित
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समाजवादी पार्टी ने सोमवार को बिसवां (सीतापुर) के विधायक रामपाल यादव को विधानमंडल दल से निष्कासित कर दिया। पार्टी से बगावत करके जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे उनके बेटे जितेन्द्र यादव को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
इसी के साथ सपा ने नाम वापसी के दिन चंदौली में पूर्व घोषित प्रत्याशी बदल दिया। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के बेटे संतोष कुमार की जगह सरिता सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया है।
सीतापुर में सपा ने पीसीएफ के पूर्व उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। उनके टिकट को लेकर विरोध था। बिसवां के विधायक रामपाल यादव उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गए।
उनके बेटे जितेन्द्र कुमार यादव सपा से बगावत करके अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं। सपा ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन सोमवार को नामांकन पत्र वापस नहीं लेने पर प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपाल यादव को विधानमंडल दल के निलंबित कर दिया। जितेन्द्र को सपा से निष्कासित कर दिया गया है।
यहां भी वही हाल, पर अभी कार्रवाई नहीं
कुछ ऐसी ही स्थिति उन्नाव में बनी हुई है। वहां सपा की अधिकृत प्रत्याशी ज्योति यादव के खिलाफ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही है।
हालांकि सपा ने अभी सेंगर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है। बिजनौर में पति को चुनाव लड़ा रहीं विधायक रुचिवीरा को पहले ही विधानमंडल दल से निलंबित किया जा चुका है।
चंदौली में प्रत्याशी बदला, रोचक जंग:
चंदौली में सपा ने पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के बेटे पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष कुमार यादव को प्रत्याशी बनाया था।
सोमवार को उनके स्थान पर मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबलि सिंह की पत्नी सरिता सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इस जिले में चुनावी जंग बेहद रोचक हो चुकी है।
अब मुकाबला भाजपा विधायक सुशील सिंह की पत्नी किरन सिंह से है। किरन वाराणसी जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष हैं। सुशील, माफिया डॉन बृजेश सिंह के चाचा हैं। उधर, सरिता सिंह का समर्थन बसपा एमएलसी विनीत सिंह भी कर रहे हैं।