Lucknow News : विधान परिषद में पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर सपा का सदन से वॉकआउट
सरकार का पक्ष रखते हुए राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह ने कहा कि राजकोषीय स्थिति में संतुलन बनाए रखने, सरकारी व असंगठित क्षेत्र के कार्मिकों और आम जन के लिए बेहतर वृद्धावस्था सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की गई है।
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विधान परिषद में सोमवार को पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सपा सदस्यों ने ओपीएस की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट किया। जबकि, सरकार का पक्ष रखते हुए राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह ने कहा कि राजकोषीय स्थिति में संतुलन बनाए रखने, सरकारी व असंगठित क्षेत्र के कार्मिकों और आम जन के लिए बेहतर वृद्धावस्था सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की गई है।
सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने प्रश्न प्रहर में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्य इस सुविधा को दे सकते हैं तो यूपी में इसे लागू क्यों नहीं किया जा सकता। सपा दल केनेता लाल बिहारी यादव ने कहा कि जब न्याय पालिका और विधायिका में पुरानी पेंशन स्कीम लागू है तो कार्यपालिका में इसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक के बीच भाजपा के सुरेंद्र चौधरी और मानवेंद्र सिंह ने कहा कि सपा सदस्य पीठ पर कोई आरोप नहीं लगा सकते। मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि यूपी में यह व्यवस्था तत्कालीन मुलायम सरकार की सहमति से लागू की गई थी। सरकार ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने का अधिकार उसके पास है, लेकिन इसे लागू करने की उसकी कोई योजना नहीं है।
उधर, प्रश्न प्रहर में ही आशुतोष सिन्हा ने नगर निगम, वाराणसी में एजी एन्यवायरों इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. को दिए टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया, जबकि नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने अपने विस्तृत जवाब में कहा कि किसी तरह की कोई गड़बड़ नहीं है। अगर भ्रष्टाचार के कोई सुबूत दिए जाएंगे तो उसे दिखवाएंगे। लाल बिहारी यादव ने सीतापुर रोड स्थित प्रियदर्शिनी कॉलोनी में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया और साथ ही सरकार के जवाब से संतुष्टि जताई। सपा सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीसीएफ में उन जिलो में गणक और सहायक गणक हटाने की मांग की, जहां घोटाले सामने आए हैं। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने आएगा तो हमेशा की तरह कड़ी कार्रवाई होगी। शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने डीएपी मिलने में समस्या का मुद्दा उठाया, जबकि सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने इससे इंकार किया।
लखनऊ में ईको ग्रीन के कामकाज से खुश नहीं : एके शर्मा
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि लखनऊ नगर निगम में सफाई का काम देख रही ईको ग्रीन कंपनी के कामकाज से खुश नहीं हैं। उसे लीगल नोटिस दिया गया है। कंपनी बड़ी है और कानूनी दांवपेच भी जानती है। इसलिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्दी ही उसकी दवाई (इलाज) करने वाले हैं। इस कंपनी को अनुबंध देने की औपचारिकता वर्ष 2016 में अखिलेश सरकार में पूरी हुई थी। एके शर्मा, बसपा सदस्य भीम राव अंबेडकर के नगर निगम लखनऊ में सफाई कर्मियों की नियमित भर्ती संबंधी सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के समय-समय पर जारी न्यूनतम मजदूरी के शासनादेशों को सभी निकायों में लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
बुनकरों को रियायती बिजली देने का उठा मुद्दा
कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये सपा सदस्यों ने बुनकरों के लिए रियायती दरों पर बिजली का मामला उठाया। सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि अखिलेश सरकार में उन्हें फ्लैट रेट पर बिजली दी जाती थी। सपा के ही नरेश उत्तम ने कहा कि सरकार बुनकरों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। लाल बिहारी यादव ने कहा कि जिस तरह से किसानों को नलकूप की बिजली मुफ्त करने की घोषणा करके सरकार ने उदारता दिखाई है, वैसी ही उदारता बुनकरों के मामले में भी दिखानी चाहिए।
एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि बुनकरों के कल्याण के लिए बजट में 345 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2019 की नीति के अनुसार उन्हें सुविधाएं दी जा रही हैं। बिजली विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बुनकर का कनेक्शन न काटा जाए। न ही जबरदस्ती वसूली की जाए। बसपा के भीमराव अंबेडकर ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये उन्नाव में आपराधिक वारदातों का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था का सवाल उठाया। नेता सदन स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जो भी मामले उठाए गए हैं, उन सबमें एफआईआर दर्ज करके आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है।
वित्तविहीन स्कूलों के छात्रों को भी मिलें निशुल्क पुस्तकें : ध्रुव त्रिपाठी
शिक्षक दल के ध्रुव त्रिपाठी ने एडेड और वित्तविहीन विद्यालयों के कक्षा 1-8 तक के छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने नियमों के तहत कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।