फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   SP plan for Panchayat election in UP.

यूपी के पंचायत चुनाव में सपा की रणनीति 'फ्रेंडली फाइट'

Mon, 14 Sep 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 14 Sep 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन
SP plan for Panchayat election in UP.

सपा की जिला इकाइयों ने पंचायत सदस्य चुनाव के लिए प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी जनपदों में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के दावेदारों से आवेदन मांगे गए हैं।

विज्ञापन


जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। सहमति न बनने पर किसी को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जाएगा। उन्हें चुनाव में फ्रैंडली फाइट के लिए छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन

 
सपा ने प्रत्याशियों के चयन के लिए जिला स्तरीय चयन समिति बनाई है। इसके संयोजक जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। इसमें सभी विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, हारे हुए प्रत्याशी, वर्तमान और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला महामंत्री, शहर अध्यक्ष व महामंत्री आदि को शामिल किया गया है। जिला स्तर पर सभी दावेदारों से वार्डवार आवेदन मांगे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चयन समिति इनके आवेदनों पर विचार-विमर्श करेगी। जिन वार्डों में केवल एक दावेदार होगा, उन्हें तत्काल अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया जाएगा। एक से ज्यादा दावेदार होने पर आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए दावेदारों से बात भी की जाएगी।

नहीं उतारा जाएगा किसी खास प्रत्याशी को

SP plan for Panchayat election in UP.

यदि किसी सीट पर आम सहमति न बनी तो किसी खास प्रत्याशी को थोपा नहीं जाएगा। ऐसी स्थिति में सपा से जुड़े नेताओं के बीच दोस्ताना मुकाबला हो सकता है।

सपा नेताओं के मुताबिक जरूरी नहीं है कि जिला पंचायत के सभी वार्डों में सपा के अधिकृत प्रत्याशी उतारे जाएं। अधिकृत प्रत्याशी वहीं खड़े किए जाएंगे जहां किसी एक नाम पर सहमति बन जाएगी।

विधायकों, मंत्रियों पर चुनाव जिताने की जिम्मेदारी
जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव जिताने की जिम्मेदारी भी जिला स्तरीय चयन समिति की होगी। इसमें विधायक और मंत्री भी शामिल हैं। उन्हें अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी।

सपा की कोशिश है कि 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर जनता पर पकड़ साबित की जाए। सपा के ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए तो जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने में आसानी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed