फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   sp next week annouces there candidates for vidhan parishad.

टिकट पाने के लिए सपा में तेज हुई जोड़-तोड़

Sun, 21 Dec 2014 11:51 AM IST
राजेन्द्र सिंह/ अमर उजाला, लखनऊ
राजेन्द्र सिंह/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 Dec 2014 11:51 AM IST
विज्ञापन
sp next week annouces there candidates for vidhan parishad.

विधान परिषद की खाली होने वाली सीटों के लिए समाजवादी पार्टी में जोड़-तोड़ तेज हो गई है। परिषद के 12 सदस्यों का कार्यकाल 30 जनवरी को खत्म हो रहा है। इन सीटों पर चुनाव की अधिसूचना इस माह के अंत में या अगले महीने की शुरुआत में जारी हो जाएगी। सपा संसदीय बोर्ड अगले हफ्ते प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगा सकता है।

विज्ञापन


विधान परिषद की जो 12 सीटें खाली हो रही हैं, उनमें बसपा के छह, सपा के तीन और भाजपा के दो और कांग्रेस का एक सदस्य शामिल हैं। इस बार समीकरण बदले हैं। सपा के 231 विधायक हैं। ऐसे में उसके सर्वाधिक सात विधान परिषद सदस्य चुने जा सकते हैं। बसपा के दो, भाजपा का एक सदस्य चुनाव जीत सकता है।
विज्ञापन


कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल मिलकर चुनाव लड़ें तो एक सदस्य को जिता सकते हैं। 12वें सदस्य को लेकर अभी स्थिति बहुत साफ नहीं है। इसके लिए सियासी गुणा-भाग लगाया जा सकता है। सपा से विधान परिषद के टिकट के लिए मारामारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनके साथ ही लोकसभा चुनाव हारे या टिकट के वंचित रहे कई नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। अखिलेश यादव की यूथ ब्रिगेड के  दो-तीन सदस्य भी विधान परिषद पहुंचने के इच्छुक हैं।

जातिगत समीकरणों का ध्यान रखेगी सपा

sp next week annouces there candidates for vidhan parishad.

प्रत्याशियों के चुनाव में सपा जातिगत समीकरणों का ध्यान रखेगी। ऐसा माना जा रहा है कि तीन-चार प्रत्याशी पिछड़े या अति पिछड़े वर्ग के होंगे। मुस्लिमों के बाद पिछड़े ही सपा का सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। पिछड़ों को तरजीह देकर सपा भाजपा के पिछड़ा कार्ड का भी जवाब देना चाहेगी।

पिछड़े नेताओं में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। वेस्ट यूपी में पिछड़े वर्ग में किसी जाट या गुर्जर को भी विधान परिषद भेजा जा सकता है। डॉ. राजपाल कश्यप, सुनील यादव या संजय लाठर जैसे किसी युवा नेता को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

वैश्य, ब्राह्मण या राजपूत समाज से भी प्रत्याशी हो सकते हैं। वैश्यों में सहारनपुर उपचुनाव हारे संजय गर्ग, सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, पूर्व सांसद सुरेंद्र मोहन व संदीप बंसल आदि दावेदार हैं। एक-दो अल्पसंख्यकों को नुमाइंदगी मिल सकती है। इनमें स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का फिर से चुना जाना लगभग तय है।

जावेद आब्दी, आशु मलिक या किसी और को भी मौका मिल सकता है। किसी महिला को भी प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना है। महिला सदस्यों में डॉ. सरोजिनी अग्रवाल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वह फिर से विधान परिषद पहुंचने की होड़ में हैं हालांकि रंजना वाजपेयी और मधु गुप्ता जैसी और भी महिला नेत्री दावेदार हैं।

ये होगी पार्टियों की रणनीति

sp next week annouces there candidates for vidhan parishad.

पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी का दावा भी मजबूत माना जा रहा है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई नेता टिकट की लाइन में हैं। रमेश यादव का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है, वह भी दावेदारी जता रहे हैं।

विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस और रालोद मिलकर लड़े तो एक सीट जीत सकते हैं। विधान सभा में कांग्रेस के 28 और रालोेद के आठ सदस्य हैं। यदि दोनों दल किसी एक प्रत्याशी को उतारेंगे तो उसका चुना जाना तय है। हालांकि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और रालोद में तालमेल नहीं हो पाया था। सपा की मदद से कांग्रेस के पीएल पुनिया राज्यसभा पहुंच गए।

विधायकों की संख्या को देखते हुए बसपा के केवल दो सदस्य ही विधान परिषद जा सकते हैं। इनमें राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को फिर से प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय है। दूसरी सीट पर बसपा किसी दलित या अति पिछड़े पर दांव लगा सकती है। जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें से भी किसी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

विधान परिषद चुनाव में भाजपा का एक सदस्य ही जीतेगा। हो सकता है भाजपा मौजूदा दोनों सदस्यों को दोबारा विधान परिषद ने भेजकर किसी नए चेहरे पर दांव लगाए। भाजपा से भी किसी पिछड़े या अति पिछड़े को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed