अखिलेश के नेता बोले, उतरवा लूंगा वर्दी
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हमारी सरकार है और हमारे ही कागज चेक करोगे। हिम्मत कैसे हुई बाइक रोकने की।
मुख्यमंत्री आवास के पास रविवार दोपहर चेकिंग के दौरान रोके जाने पर बाइक सवार युवकों ने खुद को सपा नेता बताते हुए कुछ इसी अंदाज में ट्रैफिक पुलिस को हड़काया।
दरोगा को वर्दी उतरवाने की धमकी देते दखे एएसपी ट्रैफिक ने टोका तो उन्हें भी तबादले की धमकी दे डाली।
हालांकि, नेतागिरी काम नहीं आई और डीएल कब्जे में लेकर चालान कर दिया गया।
कागज मांगा, तो भड़क गए
ट्रैफिक दरोगा हरिश्चंद्र कुशवाहा की टीम दोपहर के समय मुख्यमंत्री आवास के पास गोल्फ चौराहे पर चेकिंग कर रही थी।
टीम ने बिना हेलमेट लगाए बाइक दौड़ा रहे दो लोगों को रोका। टीएसआई ने बाइक की चाभी कब्जे में लेने के साथ कागज चेक कराने को कहा। इस पर दोनों युवक भड़क उठे।
खुद को सपा नेता बताते हुए रौब जमाने लगे। इसके साथ ही साथियों को फोन करने लगे। थोड़ी देर में मारुति कार से तीन खद्दरधारी आ धमके।
एक ने खुद को कैंट क्षेत्र में सपा का अध्यक्ष बताते हुए दरोगा को हड़काना शुरू किया और दोनों युवकों से बाइक लेकर जाने की बात कही।
पर फेल हुआ हड़काना, कटा चालान
जब दरोगा ने बाइक के कागज देखे बगैर न छोड़ने की बात कही तो खद्दरधारी भड़क उठे और वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगे।
टीम से अभद्रता की भनक लगने पर एएसपी ट्रैफिक ज्ञानप्रकाश चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे।
माजरा समझने के साथ युवकों से बाइक के कागज दिखाने को कहा तो सफेदपोश नेताओं ने उन्हें तबादले की धमकी देनी शुरू कर दी। इस बीच एक मुख्यमंत्री आवास जाकर शिकायत करने की धमकी देने लगा।
हालांकि कोई धमकी काम नहीं आई और एएसपी ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे कैंट निवासी प्रदीप यादव का ड्राइविंग लाइसेंस कब्जे में लेकर चालान करने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम ने चालान चिट थमाकर चलता कर दिया।