सपा नेताओं ने छीनी आलोक रंजन की 'कुर्सी'
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मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में सपा नेताओं ने फिर अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए अफसरों की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। हद तो तब हो गई जब सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आलोक रंजन के ठीक बगल की कुर्सियों पर सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला और पूर्व सांसद राकेश सचान बैठ गए।
इससे कुछ देर एक प्रमुख सचिव को खड़े रहना पड़ा। हालत यह रही कि डीएम तक को दूर की कुर्सी में बैठना पड़ा। और तो और तमाम सपाई प्रार्थनापत्र लेकर मुख्य सचिव के पीछे खड़े हो गए और उन्हें बार-बार कागज पकड़ाने लगे।
स्थिति असहज होने पर पहले एडीएम फाइनेंस और फिर खुद डीएम ने आकर सपाइयों को हटाया और खड़े प्रमुख सचिव को कुर्सी दिलाई। बता दें कि गत शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि विवि में कार्यक्रम के दौरान सपा नेताओं की अनुशासनहीनता पर मुख्यमंत्री भड़क गए थे और अनुशासन में रहने की चेतावनी देकर गए थे।
बीच में जरूर बोलते राकेश सचान
सर्किट हाउस सभाकक्ष में मुख्य सचिव आलोक रंजन मुख्य अफसर वाली कुर्सी पर बैठे थे। उनके बगल में रखीं कुर्सियों पर प्रमुख सचिवों को बैठना था लेकिन उनकी जगह मुनींद्र शुक्ला और राकेश सचान बैठ गए। बाई ओर की कुर्सियों पर डीएम और एसएसपी बैठे।
हालत यह रही कि कोई भी फरियादी या अफसर समस्या बताता तो बीच में राकेश सचान जरूर बोलने लगते। वकीलों ने घाटमपुर और बिल्हौर के न्यायिक क्षेत्र की बात उठाई तो सचान बोले अरे हमने यह मामला संसद में उठाया था।
थोड़ी देर में मुनींद्र शुक्ला ने कुर्सी खाली की तो एक फाइल लेकर पीछे से उठे केडीए बोर्ड सदस्य महेंद्र सिंह यादव उस कुर्सी पर आकर बैठ गए। इसी दौरान वहां पहुंचे प्रमुख सचिव (लघु उद्योग) महेश गुप्ता को खड़े रहना पड़ा। यह देख डीएम ने इशारा किया तो एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने महेंद्र सिंह यादव को उठवाकर प्रमुख सचिव को बैठवाया।
कुछ सपाई आगे से आने के बजाय मुख्य सचिव के पीछे खड़े हो गए और उन्हें अर्जियां थमाने लगे। इन्हें हटाने के लिए एडीएम सिटी अविनाश सिंह, एडीएम फाइनेंस और सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष अग्निहोत्री का काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी कहने के बाद भी कुछ सपाई नहीं हटे तो डीएम को अपनी कुर्सी से उठना पड़ा। बाद में उन्होंने इन्हें हटाया।
तीन अफसर सस्पेंड, 25 को प्रतिकूल प्रविष्टि
बढ़ते अपराध, विकास कार्य में गड़बड़ियों और लापरवाही पर नाराज मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कानपुर नगर सहित मंडल के छह जिलों के 28 अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
इसमें आठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। कानपुर नगर के बिधनू विकास खंड के लोहिया ग्राम के सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर आरईएस के अवर अभियंता एसपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
कानपुर देहात के चकबंदी अधिकारी रमेश बाबू और फर्रुखाबाद के जिलापूर्ति अधिकारी हिमांशु कुमार द्विवेदी को भी निलंबित किया है। विभागीय कार्यों में रुचि न लेने पर औरैया के डीपीआरओ ओम प्रकाश राजपूत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही गैर जनपद स्थानांतरण भी कर दिया गया है।
कार्रवाई की जद में सबसे ज्यादा कानपुर नगर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आए हैं। यह एक्शन गुरुवार को मुख्य सचिव और गृह सचिव ने समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान किया।