आयोग की सख्ती के बावजूद सपा नेता की गुंडई
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शांतिपूर्ण मतदान कराने को लेकर आयोग भले ही कितनी तैयारियां कर ले पर सत्ता पक्ष के सामने यह बेमानी ही है।
मतदान के दौरान बिना पास बूथ घुसने से रोकने पर सपा के एक विधायक को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने आरपीएफ के सिपाही की पिटाई कर दी।
सिपाही की गलती सिर्फ यह थी कि उसने विधायक की सत्ता हनक को मानने से इन्कार कर दिया था। मामले की जानकारी अफसरों को हुई तब जाकर विधायक के खिलाफ प्रकरण मुकदमा दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी का आदेश होने के बाद विधायक की तलाश की जा रही है। सीतापुर संसदीय क्षेत्र में बिसवां के नव्वा बेहड़ के प्राथमिक विद्यालय में मतदान की प्रक्रिया चल रही थी।
सिपाही अस्पताल में भर्ती
दोपहर करीब 11 बजे प्राथमिक विद्यालय के पोलिंग बूथ संख्या 131, 132 पर विधायक बिसवां रामपाल यादव समर्थकों के साथ पहुंचे।
विधायक ने बूथ संख्या 131 में बिना पास के घुसने का प्रयास किया, जिस पर वहां तैनात आरपीएफ के जवान धर्मपाल ने उन्हें रोक दिया।
इससे भड़के विधायक ने आरपीएफ के जवान को गालियां देनी शुरू कर दीं। जवान ने विरोध किया तो विधायक और समर्थकों ने उसकी लाठी छीनकर उसे ही पीटना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे बीच बचाव कराया।
बाद में घायल सिपाही को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां ले जाया गया। इसी बीच विधायक भी काफिले के साथ वहां से रवाना हो गए।
मुकदमा दर्ज
घटना की जानकारी मिलने पर सीओ बिसवां दीपेंद्रनाथ चौधरी, इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह, सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ एपी माथुर व कंपनी कमांडर सरवन कुमार मीना समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे।
बाद में विधायक और 12 अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध बिसवां कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। विधायक को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं।
एक घंटे तक ठप रहा मतदान
नव्वा बेहड़ में बिसवां विधायक और समर्थकों के हंगामे के बाद अफरातफरी मच गई। पोलिंग बूथ से मतदाता भाग निकले और यहां तैनात कर्मचारियों व सुरक्षा कर्मियों में आक्रोश बढ़ गया।
इसके कारण करीब एक घंटा मतदान प्रक्रिया ठप रही। बाद में अधिकारियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ और मतदान प्रक्रिया को फिर से शुरू कराया गया।
रोका था इसलिए पीटा
पीड़ित आरपीएफ सिपाही, धर्मपाल का कहना है कि 'बूथ में बिना पास के घुस रहे विधायक रामपाल यादव को रोका था। जिस पर विधायक ने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विधायक ने डंडा छीनकर पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी है।'
बिसवां विधायक रामपाल यादव ने कहा कि 'बूथ पर प्रवेश करते समय सिपाही ने रोका और डंडा लगा दिया। सिपाही से हटने को कहा। जिस पर सिपाही ने उनके साथ बदसलूकी की। मारपीट के आरोप निराधार हैं।'
मामले पर बिसवां के क्षेत्राधिकारी दीपेंद्रनाथ चौधरी कहा कहना है कि 'बूथ पर सुरक्षा कर्मी से मारपीट के मामले में विधायक बिसवां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक विधायक का कोई सुराग नहीं लग सका है।'