{"_id":"62a9a1daee202831d7089d60","slug":"sp-leader-akhilesh-yadav-sattires-on-ed-probe-over-national-herald-case-and-questions-to-rahul-gandhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"National Herald: राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ पर अखिलेश का तंज, बोले- सभी विपक्षी को यह परीक्षा पास करनी होती है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
National Herald: राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ पर अखिलेश का तंज, बोले- सभी विपक्षी को यह परीक्षा पास करनी होती है
Wed, 15 Jun 2022 02:39 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 15 Jun 2022 02:39 PM IST
सार
अखिलेश ने कहा कि राजनीति में विपक्ष को ये परीक्षा पास करनी होती है। जब सरकार स्वयं फेल हो जाती है तब वो इस परीक्षा की घोषणा करती है। जिनकी तैयारी अच्छी होती है वो न तो लिखा-पढ़ी की परीक्षा से डरते हैं, न मौखिक से… और कभी डरना भी नहीं चाहिए।
विज्ञापन
अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नेशनल हेराल्ड मामले में बुधवार को लगातार तीसरे दिन राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ जारी है। इस पूछताछ को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
अखिलेश ने लिखा कि ईडी का मतलब अब ‘Examination in Democracy’ बन गया है। राजनीति में विपक्ष को ये परीक्षा पास करनी होती है। जब सरकार स्वयं फेल हो जाती है तब वो इस परीक्षा की घोषणा करती है। जिनकी तैयारी अच्छी होती है वो न तो लिखा-पढ़ी की परीक्षा से डरते हैं, न मौखिक से… और कभी डरना भी नहीं चाहिए।
विज्ञापन
ED का मतलब अब ‘Examination in Democracy’ बन गया है। राजनीति में विपक्ष को ये परीक्षा पास करनी होती है। जब सरकार स्वयं फ़ेल हो जाती है तब वो इस परीक्षा की घोषणा करती है। जिनकी तैयारी अच्छी होती है वो न तो लिखा-पढ़ी की परीक्षा से डरते हैं, न मौखिक से… और कभी डरना भी नहीं चाहिए।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 15, 2022
विज्ञापन
इससे पहले मंगलवार को अखिलेश यादव बस्ती पहुंचे थे। वहां भी उन्होंने ईडी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि 'जितने भी हम राजनीति करने वाले लोग हैं, इनको परीक्षा देनी पडती है. जैसे दसवीं और बारहवीं की परीक्षा होती है। उसी तरह ईडी भी एक परीक्षा है, ये जो परीक्षा है वो डेमोक्रेसी की परीक्षा है। सोचिए ये परीक्षा डेमोक्रेसी में हो रही है और इस तरह सरकारें हमेशा करती हैं, जो सरकार ताकतवर है'।
उन्होंने आगे कहा था कि 'ईडी की परंपरा से जिस तरह से पॉलिटिकल लोगों को परेशान किया जा रहा ये संस्कृति बंद होना चाहिए, अगर कभी कांग्रेस ने किया है तो भाजपा को उसका उदाहरण नहीं बनना चाहिए। अगर कांग्रेस की सरकार में कोई गलतियां हुई है तो भाजपा को उसका उदाहरण नहीं बनना चाहिए।
माना जा रहा है कि इस तरह राहुल गांधी का समर्थन करके अखिलेश एक खास वर्ग को अपने समर्थन में लाने की कोशिश कर रहे हैं। मालूम हो कि राहुल के अलावा यूपी चुनाव 2022 से पहले समाजवादी पार्टी के कई नेताओं और पार्टी से जुड़े लोगों को भी ईडी के छापों का सामना करना पड़ा था।