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कुतर्कों के वजीर
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 20 Jan 2014 11:13 AM IST
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राज वाली पार्टी के एक नेता अपने आदर्श से बेहद निराश हैं। उनके आदर्श वजीर हैं।
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मजबूरी के कारण ही सही, बड़े नेताजी के भी अजीज हैं। विवादों में रहना उनका शगल है। जैसे ही सुर्खियों से गायब होते हैं, कुछ भी ऊल-जलूल कर बैठते हैं।
इन दिनों माननीयों की टीम के साथ परदेश में पढ़ाई करने (स्टडी टूर) में व्यस्त हैं। लेकिन देश में जब उनके स्टडी टूर पर सवाल उठे, तो उनका परदेश से ही बयान आया कि टीम की अगुवाई अल्पसंख्यक कर रहा है, इसलिए विरोध हो रहा है।
यहां राजधानी में अगले दिन उनके समर्थक नेता मिले, तो बोले-मैं तो समझता था, उनके दिलो-दिमाग का दायरा बढ़ा हुआ होगा, लेकिन यह क्या, वह तो छोटे हुए जा रहे हैं।
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