मोदी के खिलाफ बड़ा दांव खेल गईं सोनिया गांधी
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कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद सोनिया गांधी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की निधियों में कटौती पर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
वहीं बारिश और ओलावृष्टि में किसानों की भरपूर सहायता के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। केंद्रीय योजनाओं में धन की कटौती पर नाराज सोनिया ने कहा कि वे इस मुद्दे पर लोकसभा में मोदी सरकार को घेरेंगी।
मंत्री व विधायकों ने सांसद के सामने सड़क, पेयजल व कई अन्य कार्यों के लिए केंद्रीय निधियों से पिछले एक साल में 80 प्रतिशत तक कटौती का मुद्दा जोरदारी से उठाया और कहा पूरा बजट न मिलने के कारण परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
बजट में 80 प्रतिशत की गई कटौती
एक दिवसीय दौरे पर आईं सोनिया की अध्यक्षता में करीब डेढ़ घंटे तक कलेक्ट्रेट के बचत भवन में अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। योजनाओं के बजट में कटौती पर मोदी सरकार के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
इसी दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय की ओर से किसानों की सहायता में अग्रणी भूमिका निभाने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव लाया गया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि एक साल में केंद्रीय निधियों से जिले को मिलने वाले बजट में 80 प्रतिशत तक कटौती की गई है। मंत्री ने कहा पीएमजीएसवाई, सीआरएफ से बनने वाली सड़कें अधूरी हैं।
इंदिरा आवासों के लिए दूसरी किस्त का मुद्दा भी उठाया
ओलावृष्टि व बारिश से बर्बाद फसलों के एवज में किसानों को मुआवजा देने के लिए केंद्र बजट नहीं दे रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जिले को 31 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं, जबकि केंद्र सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही है।
सपा विधायकों, कांग्रेस एमएलसी ने भी कई मामले को जोरदारी के साथ उठाए। सदन में 12035 इंदिरा आवासों के निर्माण के लिए केंद्र से दूसरी किस्त न मिलने का मुद्दा भी उठाया गया।
जगतपुर के ब्लॉक प्रमुख विश्वनाथ सिंह ने कहा कि इंदिरा आवास अपात्रों को दिया जा रहा है।
उन्होंने चिचौली में दो मंजिला घर वालों को इंदिरा आवास दिए जाने की शिकायत की। 36 पाइप पेयजल योजनाओं में 26 के लिए अब तक बजट नहीं दिया गया है। सड़कों की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल रहा है।
ऐसी स्थिति में सड़कें खराब हो रही हैं। जिले के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को लेकर सदन में सभी ने नाराजगी जताई।