सोनिया ने किसानों को दिलाया भरोसा, बोलीं- मिलेगा मुआवजा
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घड़ी की सुई में दोपहर के 12 बजे थे। सरदार का पुरवा गांव के सुरेंद्र उर्फ नरेंद्र के दरवाजे पर आकर एक काफिला रुकता है।
अचानक गांव में काफिला रुकने से महिलाएं, बच्चे और पुरुष सकते में आ जाते हैं, लेकिन जब गाड़ी से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को नीचे उतरती देखती हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
कामकाज छोड़ सब उनके पास पहुंच जाते हैं और फिर उन्हें तख्त पर ले जाकर बैठा देते हैं।
गांव की कुसुमा, शांती, शिवकली ने पीड़ा बयां करते हुए कहा कि दुसरा साल लगि गवा, अबौ तक फसल नुकसान का मुआवजा नाही मिला, घर मा कुछ खाय का नाहीं ना, लरिखा भुखन मर जइहैं। पेंशन मिलत रही, वाहौ कटि गयै।
पहले धान और फिर गेहूं दैव बर्बाद कर दिहिस। इस पर सोनिया ने कहा कि हम दिखवाएंगे, परेशान मत हो।
सोनिया ने दिलाया भरोसा
संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन गुरुवार को फुरसतगंज एयरपोर्ट से उतरकर विभिन्न गांवों से होते हुए सोनिया गांधी ने अमावां ब्लॉक क्षेत्र के संदी नागिन, संदी राम, सरदार का पुरवा, रुकुनपुर, गोविंद का पुरवा, अमावां, पहरेमऊ आदि गांवों में पहुंची तो उनके सामने इसी तरह की पीड़ा गूंजी रही।
हर सवाल पर उनका बस एक ही जवाब, हम दिखवाएंगे। संदी नागिन में जब फाइलेरिया की वजह से चलने फिरने में लाचार देशराज ने जाना कि सोनिया गांव आई हैं तो वह लाठी से टेकता हुआ पहुंच गया। उसने बताया कि गरीबी के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। पेंशन नहीं मिल रही है।
इलाज नहीं हो पा रहा है। बेटी की 21 अप्रैल को शादी भी है। सोनिया ने देशराज का इलाज कराने का भरोसा दिया। इस दौरान देशराज ने 11 अप्रैल को बेटी पूजा की शादी में आने का निमंत्रण दिया। यहीं पर दुलारा, सुंदारा ने पेंशन बंधवाने की बात कही।
संदी राम गांव में भी सोनिया का काफिला रुका तो विद्यावती, रामसुमेर, राजवीर ने गांव की ड्रेन में पानी न आने का दुखड़ा रोया तो उन्होंने इसे दिखवाने का भरोसा दिया। गोविंद का पुरवा में प्रभा देवी, सुंदरी, मालती, पार्वती ने कहा घर कच्चा है। इंदिरा आवास भी नहीं बनवाया गया।
करीब 20 मिनट तक लगाई चौपाल
सरदार का पुरवा गांव में करीब 20 मिनट तक सोनिया ने तख्त पर बैठ ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। वर्ष 2014 में गेहूं की फसल के नुकसान का मुआवजा न मिलने की शिकायत की गई।
इस पर सोनिया ने कहा कि किसी को भी नहीं मिला। इस पर ग्रामीणों ने जवाब दिया नहीं मिला। यहीं पर लोगों ने पानी, बिजली, पेंशन की समस्या उठाई। सोनिया गांधी ने जहां से अपने संसदीय क्षेत्र में प्रवेश किया।
जहां पर भी वह रुकी, बेहिचक होकर महिलाएं, पुरुषों ने उनके सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। सोनिया ने सबकी बात को सुना और समस्याएं दूर होने का दिलासा देकर आगे बढ़ती रही।