{"_id":"5b1e3d494f1c1b644d8b5f50","slug":"son-of-inspector-arrested-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नौकरी पाने के लिए दरोगा के बेटे ने किया ये कारनामा, गिरफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी पाने के लिए दरोगा के बेटे ने किया ये कारनामा, गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:43 PM IST
विज्ञापन
आरोपी विजय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ में गुडंबा पुलिस ने जाली अंकपत्र बनाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में नौकरी पाने की कोशिश करने वाले दरोगा कैलाशनाथ श्रीवास्तव के बेटे विजय कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है।
उसने सेवाकाल में पिता की मृत्यु होने पर नौकरी की अर्जी दी थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद से अंकपत्र फर्जी करार दिए जाने पर छह महीने पहले प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस पड़ताल कर रही थी।
प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर ने बताया कि पुलिस टीम ने इंटरमीडिएट का फर्जी अंकपत्र बनाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी के प्रयास के मामले में आदिलनगर निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक अशोक कुमार बुद्धप्रिय ने 14 दिसंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी तफ्तीश उपनिरीक्षक नदीम अहमद सिद्दीकी को सौंपी गई थी।
विज्ञापन
उसने सेवाकाल में पिता की मृत्यु होने पर नौकरी की अर्जी दी थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद से अंकपत्र फर्जी करार दिए जाने पर छह महीने पहले प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस पड़ताल कर रही थी।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर ने बताया कि पुलिस टीम ने इंटरमीडिएट का फर्जी अंकपत्र बनाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी के प्रयास के मामले में आदिलनगर निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक अशोक कुमार बुद्धप्रिय ने 14 दिसंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी तफ्तीश उपनिरीक्षक नदीम अहमद सिद्दीकी को सौंपी गई थी।
शैक्षिक प्रमाणपत्र व अंकपत्र की कराई गई जांच
आरोपी विजय
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद आरक्षी राहुल गिरि व जगदंबा प्रसाद चौधरी की मदद से विजय कुमार को गिरफ्तार किया। विवेचक ने बताया कि विजय के पिता कैलाशनाथ श्रीवास्तव भ्रष्टाचार निवारण संगठन में एचसीपी (एक सितारा दरोगा) के पद पर तैनात थे।
सेवाकाल में नवंबर 17 में उनकी मौत हो गई। उनके बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी थी। परिवार में पत्नी व बेटी और बेटा विजय कुमार श्रीवास्तव थे। विजय ने पिता के स्थान पर नौकरी पाने के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन में आवेदन किया था।
अर्जी के साथ प्रस्तुत शैक्षिक प्रमाणपत्र व अंकपत्र की जांच कराई गई। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उसके द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2011 के इंटरमीडिएट के अंकपत्र को फर्जी करार दिया था।
सेवाकाल में नवंबर 17 में उनकी मौत हो गई। उनके बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी थी। परिवार में पत्नी व बेटी और बेटा विजय कुमार श्रीवास्तव थे। विजय ने पिता के स्थान पर नौकरी पाने के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन में आवेदन किया था।
अर्जी के साथ प्रस्तुत शैक्षिक प्रमाणपत्र व अंकपत्र की जांच कराई गई। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उसके द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2011 के इंटरमीडिएट के अंकपत्र को फर्जी करार दिया था।