UP में अंधेरा, पर जगमगा रहा आजम का रामपुर
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बिजली कटौती से जहां आम आदमी बिलबिला रहा है वहीं वीवीआईपी शहरों के लोग मस्त हैं। राजधानी में जहां औसतन 23:31 घंटे बिजली मिल रही है तो वहीं इटावा व कन्नौज में 21 से 22 घंटे बिजली दी जा रही है।
वीवीआईपी शहरों में सबसे खराब हालत अमेठी का है। यहां पर महज 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। अमेठी से कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के चुनाव क्षेत्र आजमगढ़ को 23 घंटे से अधिक बिजली दी जा रही है। तो अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री आजम खां के गृह जनपद रामपुर में भी भरपूर बिजली मिल रही है। यहां पर रोजाना 22 घंटे से अधिक बिजली दी जा रही है।
मोदी के काशी को 19 घंटे बिजली
जबकि पड़ोसी जिले बरेली में रोजाना पांच से छह घंटे की कटौती हो रही है। प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र वाराणसी के लोगों को भी 19 घंटे बिजली प्रदेश सरकार मुहैया करा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार के इस दोहरे रवैये पर नाराजगी जताई है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार प्रदेश के सभी उपभोक्ता बिजली का सामान रूप से भुगतान करते हैं।
ऐसे में बिजली की आपूर्ति करने में सरकार भेदभाव क्यों कर रही है। इस भीषण बिजली संकट में प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को एक समान नजर से देखा जाना चाहिए। भारतीय संविधान की धारा 14 के अनुसार समानता के अधिकार का भी यह खुला उल्लंघन है।
वीवीआईपी शहरों में रोजाना मिल रही बिजली
लखनऊ-23:31 घंटे
आजमगढ़-23:14 घंटे
मैनपुरी-22:27 घंटे
रामपुर-22:14 घंटे
इटावा-21:42 घंटे
कन्नौज-21:27 घंटे
आगरा-20:46 घंटे
फीरोजाबाद-20:43 घंटे
रायबरेली-20:32 घंटे
वाराणसी-19:09 घंटे
अमेठी-14:27 घंटे
(यह आंकड़े एक से 20 अगस्त तक इन शहरों में हुई औसत बिजली आपूर्ति के हैं।)