{"_id":"64a1e03ce4bee486aa02e296","slug":"solver-sat-pass-exam-became-jail-warder-revealed-at-the-time-of-joining-2023-07-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Lucknow : सॉल्वर बिठा पास की परीक्षा, बना जेल वार्डर, ज्वाइनिंग के वक्त हुआ राजफाश, भर्ती बोर्ड ने कराई FIR","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow : सॉल्वर बिठा पास की परीक्षा, बना जेल वार्डर, ज्वाइनिंग के वक्त हुआ राजफाश, भर्ती बोर्ड ने कराई FIR
Mon, 03 Jul 2023 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 03 Jul 2023 05:06 AM IST
सार
जब ज्वाइनिंग हुई तो उसका बायामैट्रिक डाटा मिस मैच हुआ। फोरेंसिक जांच कराई गई तो पता चला कि परीक्षा देने वाला शख्स कोई और था। इसी आधार पर भर्ती बोर्ड के एएसपी ने अभ्यर्थी व एक अन्य अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जेल वार्डर भर्ती परीक्षा में एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह पर सॉल्वर बिठाकर परीक्षा पास कर ली। उसका चयन भी हो गया। जब ज्वाइनिंग हुई तो उसका बायामैट्रिक डाटा मिस मैच हुआ। फोरेंसिक जांच कराई गई तो पता चला कि परीक्षा देने वाला शख्स कोई और था। इसी आधार पर भर्ती बोर्ड के एएसपी ने अभ्यर्थी व एक अन्य अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन
2021 में जेल वार्डर के पदों पर भर्ती हुई थी। एक जुलाई 2021 को जरैला अकबरपुर कुतुबपुर, फिरोजाबाद निवासी साहिब सिंह नाम का अभ्यर्थी इसमें चयनित हुआ था। 27 मार्च 2023 को जब वह ज्वाइनिंग करने पहुंचा तो उसका बायामैट्रिक डाटा कैप्चर किया गया। इस डाटा को परीक्षा के दौरान लिए गए बायामैट्रिक डाटा से मिलान कराया गया। जो नहीं हो सका।
विज्ञापन
यहीं से उस पर शक हो गया। पुलिस के मुताबिक भर्ती बोर्ड ने दोनों बायोमैट्रिक डाटा की फोरेंसिक जांच कराई। जिसमें साफ हुआ कि ये डाटा दो शख्स का है। तब भर्ती बोर्ड के एएसपी आलोक कुमार जायसवाल ने साहिब सिंह व एक अन्य पर धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई।
विज्ञापन
जब खुला राज, तो नौकरी न करने की कही बात
आरोपी साहिब सिंह को पता चल चुका था कि उसका खेल पकड़ में आ चुका है। इसलिए जब बयानों के लिए उसको कई बार नोटिस भेजी गई तो वह नहीं पहुंचा। संबंधित जिला पुलिस से संपर्क कर उसके घर टीम भेजी गई। तब उसका कहना था कि उसका चयन तो हुआ था लेकिन अब वह नौकरी नहीं करना चाहता। वह ये हरकत कर बचने का प्रयास करता रहा। चूंकि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। स्पष्ट है कि उसने अपनी जगह पर सॉल्वर से परीक्षा दिलाई। इसलिए उस पर केस दर्ज किया गया है।