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चौराहों, नुक्कड़ की तरह सोशल मीडिया पर चुनाव का लाइव शो

Sun, 29 Jan 2017 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 29 Jan 2017 11:35 AM IST
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social media effect on up election
सोशल मीड‌िया - फोटो : amar ujala
पिछले विधानसभा चुनाव तक पान की दुकानों और गांव की चौपालों पर जो चर्चाएं होती थीं, अब वैसी ही चर्चाएं, बहस और वाद-विवाद सोशल मीडिया पर होते हैं। 
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ट्विटर इसका मुख्य अड्डा बन चुका है तो फेसबुक भी अपनी खासियतों की वजह से लोकप्रिय बना हुआ है। 
इस चुनावी सीजन में इन सबका आनंद ले रहे हैं आम नागरिक। सूबे के चारों प्रमुख दलों और सोशल मीडिया पर सामने आ रहे ट्रेंड्स पर पेश है रिपोर्ट : 

फेसबुक बना लाइव टीवी
फेसबुक नेताओं और राजनीतिक दलों के लिए अपनी जनसभाओं के लाइव टेलीकास्ट का माध्यम बनकर उभरा है। भाजपा ने शनिवार को चुनाव घोषणा पत्र जारी किया तो पूरे कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट फेसबुक पर पार्टी के विभिन्न अकाउंट्स पर हुआ। 

वहीं घोषणा पत्र में किए गए वादों को तुरंत इंफोग्राफिक के तौर पर जारी कर दिया गया। इसी तरह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पेज अपने नेताओं की जनसभाओं को न केवल लाइव टेलीकास्ट कर रहे हैं, बल्कि उनके छोटे-छोटे वीडियो भी अपलोड कर रहे हैं।
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एक-दूसरे पर वार, सपा-कांग्रेस इससे दूर
बीजेपी यूपी के पेज पर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर यह कहते हुए टिप्पणी की गई, ‘एक ने देश को लूटा और दूसरे ने प्रदेश को’ और कहा गया ‘गठबंधन में दम नहीं, लूटने में कम नहीं’। 
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बीएसपी द्वारा ‘बहनजी को आने दो’, ‘विकास का हाथी’ और ‘मायावती नेक्स्ट यूपीसीएम’ जैसे अपने अभियानों को प्रचारित करते हुए जो वीडियो अपने अनाधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डाले जा रहे हैं, उनमें सपा और भाजपा को निशाना बनाया जा रहा है। 

इनमें प्रदेश में गुंडागर्दी, सांप्रदायिकता खत्म करने के वादे हैं। वहीं, सपा और कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट्स से दूसरी पार्टियों पर हमले नहीं किए जा रहे।

फॉलोअर्स की संख्या पर न जाएं

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डेमो प‌िक

जनवरी 2017, दिव्या वर्मा के ट्विटर अकाउंट @Divya101092 पर यह तारीख उनके ट्विटर से जुड़ने की है। कोई उन्हें फॉलो नहीं करता, वे कोई ट्वीट नहीं करतीं। वे राजनाथ सिंह सहित देश के कई जाने-माने लोगों को जरूर फॉलो करती हैं, जिनमें अधिकतर बीजेपी के नेता हैं। 

दरअसल यह फेक अकाउंट है और ऐसे लाखों फेक अकाउंट्स के जरिए राजनेता अपने फॉलोअर्स  की संख्या बढ़ाते हैं। इसके जरिए सोशल मीडिया पर अपनी जबर्दस्त पहचान का संकेत दिया जाता है।

प्रेस रिलीज भी हो रही जारी
सोशल मीडिया के जरिए ही अब प्रेस रिलीज भी जारी हो रही है। समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच तब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के हवाले से रामगोपाल यादव को सपा से निकालने का आदेश रद्द करने की सूचना सोशल मीडिया पर ही दी थी। 

तीन अक्तूबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ‘समाजवादी विकास यात्रा’ शुरू करने की सूचना यहीं देते मिले। सपा में विवाद के समय यह पेज अखिलेश के साथ रहा, विशेष अधिवेशन की सूचना, नई नियुक्तियों की जानकारी भी यहीं दी गई। 

कांग्रेस : राहुल का अकाउंट दे रहा सॉलिड जवाब

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congress logo
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का ट्विटर अकाउंट @UPCC_Official करीब 50 हजार फॉलोअर्स रखता है। राहुल गांधी के अकाउंट्स के रिट्वीट्स के अलावा यहां केवल अपनी पार्टी की गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी है।
नेताओं के हाल

कांग्रेस के मुख्य सितारे राहुल गांधी का ट्विटर हैंडल @OfficeOfRG भी लगातार न केवल सक्रिय है, बल्कि विरोधियों पर अपनी सरस टिप्पणियों के लिए भी पहचाना जाता है। भाजपा ने पिछले सप्ताह राहुल गांधी की शिकायत चुनाव आयोग में करने की चेतावनी दी तो हैंडल ने ट्वीट किया ‘डियर बीजेपी, डरो मत’। उनके अलावा केवल प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया और आरपीएन सिंह के  वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट हैं। वहीं जितिन प्रसाद, शिवशंकर पांडेय, अभिषेक अर्जुन, नसीब पठान, अखिलेश पी सिंह भी सक्रिय नजर आते हैं।

सपा : बड़े नेता ही सक्रिय

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डेमो प‌िक

यूपी में सोशल मीडिया पर सक्रियता के मामले में जैसी टक्कर बीजेपी दे रही है, कोई और दल नहीं। सपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @samajwadiparty पर 31.5 हजार फॉलोअर्स हैं। लेकिन बीजेपी के 16.4 हजार ट्वीट्स के मुकाबले इस हैंडल से केवल 2,126 ट्वीट्स हुए हैं, यहां हर रोज एक तो किसी दिन एक भी ट्वीट नहीं आता।

नेताओं के हाल
ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर भले ही सपा कई मामलों में बीजेपी से आगे साबित हो रही है, लेकिन नेताओं के लिहाज से केवल अखिलेश यादव @yadavakhilesh हैंडल के साथ, शिवपाल सिंह यादव @shivpalsinghyad, अबू आजमी @abuasimazmi और प्रवक्ता गौरव भाटिया @gauravbh ही सक्रिय नजर आते हैं। इनमें केवल अखिलेश और शिवपाल के अकाउंट वेरिफाइड हैं। अखिलेश के 24 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं और शिवपाल के 34.7 हजार। शिवपाल का एक और अनवेरिफाइड अकाउंट @OfficeOfShivpal के रूप में सक्रिय है

भाजपा : सबसे अधिक सक्रिय और अग्रेसिव

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bjp

बीजेपी उत्तर प्रदेश का ट्विटर हैंडल @BJP4UP  केवल 34.6 हजार फॉलोअर रखता है, यह संख्या हालांकि कम है, लेकिन इस हैंडल पर लगातार आने वाले अपडेट बीजेपी से जुडे़ प्रदेश के घटनाक्रम को लाइव रखते हैं। खासतौर से भाजपा नेताओं के प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों का व्यापक रूप से प्रचार किया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के लिए बन रही योजनाओं की जानकारी दी जाती है। रोजाना 5 से 10 और बड़े नेताओं की रैली होने पर 50 से 100 ट्वीट्स इस हैंडल से हो रहे हैं।

नेताओं के हाल  
उत्तर प्रदेश बीजेपी के राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, वरुण गांधी, रीता बहुगुणा जोशी, कलराज मिश्र जहां वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट रखते हैं, वहीं, ये सभी बेहद एक्टिव भी हैं। स्मृति ईरानी के जहां 56 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं राजनाथ सिंह के 45 लाख। बीजेपी नेताओं में विनोद सोनकर, शिव प्रताप शुक्ला, मधु मिश्रा, अशोक कटारिया और संतोष गंगवार के भी ट्विटर हैंडल हैं, जो लगातार सक्रिय हैं। 

बसपा : पार्टी का आधिकारिक ट्विटर हैंडल तक नहीं

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डेमो प‌िक
सोशल मीडिया के शोर से बहुजन समाज पार्टी अब भी दूर है। पार्टी का कोई भी वेरिफाइड ट्विटर हैंडल नहीं है। साढ़े तीन हजार फॉलोअर्स वाला @BSP4India अकाउंट खुद को बीएसपी का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट बताता है, लेकिन इसकी ओर से 13 फरवरी 2014 के बाद से कोई ट्वीट नहीं किया गया। दूसरी ओर @BspUp2017 अकाउंट कहीं ज्यादा सक्रिय है, जिसके 11.7 हजार फॉलोअर्स हैं और रोज यहां 20 से अधिक ट्वीट्स पार्टी की घोषणाओं, नीतियों, बयानों और विरोधी दलों की आलोचना को लेकर होते हैं। इस हैंडल की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि इसी हफ्ते बसपा में शामिल हुए बाहुबली मुख्तार अंसारी को फॉलो करना शुरू कर दिया है।

नेताओं के हाल
टिकट पा चुके कुछ उम्मीदवारों के अलावा कोई बड़े नेता ट्विटर पर नहीं हैं। खुद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का कोई ट्विटर हैंडल नहीं है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सतीशचंद्र मिश्रा आदि भी इससे दूरी बनाए हुए हैं। सतीशचंद्र मिश्रा का एक अनाधिकारिक हैंडल है लेकिन इस पर वे महीनों में कोई पोस्ट करते हैं।
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