सांप पकड़ने वालों के लिए खुशखबरी, मिलेगी पक्की नौकरी
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छह महीने में चार सौ करैत और कोबरा सरीखे सांप निकलने पर एलडीए ने सपेरों को जनेश्वर मिश्र पार्क में पक्की नौकरी देने का फैसला किया है।
कर्मचारियों के लिए पद सृजन की जो व्यवस्था प्राधिकरण कर रहा है, उसमें कुछ पद सपेरों के लिए भी होंगे। जनेश्वर मिश्र पार्क सांपों का प्राकृतिक वास है।
यहां कोबरा, अजगर, घोड़ा पछाड़ और करैत जैसे खतरनाक सांप प्राय: मिल जाते हैं। इसी वजह से एलडीए ने करीब छह महीने पहले औरेया के सपेरों को जनेश्वर मिश्र पार्क में रहने की जगह दी थी।
पार्क में खतरनाक सांपों को पकडेंगे सपेरे
ये ऐसे खतरनाक सांप हैं जिनके डसने के तीन सेकेंड के भीतर जहर फैलता है और इंसान के शरीर में फूल कर छेद होने शुरू हो जाते हैं।
देखते ही देखते शिकार व्यक्ति की मौत हो जाती है। इन सपेरों को 750 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर पार्क में रखा गया था।
कई-कई दिन तक रहते हैं जहरीले सांपों के बीच सपेरों का आरोप है कि उन्हें 25 दिसंबर के बाद से मानदेय नहीं मिल रहा। इससे उनकी गुजर-बसर भी मुश्किल हो गई है।
उनका कहना है कि समय-समय पर प्राणि उद्यान की टीम यहां आकर सांप ले जाती हैं पर कई बार उन्हें ऐसे खतरनाक सांपों के बीच रहना पड़ता है।
देसी इलाज से निकालेंगे सांप का जहर
इन दिनों भी करीब दर्जन भर खतरनाक सांपों के साथ सपेरे रह रहे हैं। हाल ही में एक सपेरे की अंगुली में नाग ने काटा था, देसी इलाज कर के उसके साथियों ने उसको बचा लिया।
हाल ही में अपर सचिव सीमा सिंह और ओएसडी राजीव कुमार की सख्ती के बाद अब सपेरों की फाइल निकल आई है। बहुत जल्द ही इन लोगों के मानदेय का भुगतान करने का दावा प्राधिकरण के अधिकारी रहे हैं।
अपर सचिव सीमा सिंह ने बताया कि इन सपेरों का भुगतान बहुत जल्द ही किया जाएगा। ये लोग काफी खतरनाक काम करते हैं। पार्क को सुरक्षित बनाए रखने में इनका बहुत सहयोग है।