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प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर करती है स्मृति नाद : राजनाथ
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लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन की 91वीं जयंती पर उनकी पुस्तक ''स्मृति नाद'' का विमोचन किया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और स्वामी अवधेशानंद गिरि भी उपस्थित रहे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों का जिक्र है। उन्होंने लालजी टंडन के जीवन से जुड़े रोचक संस्मरण भी सुनाए। बताया कि गुजरात दंगों के समय शहर के एक बड़े धर्मगुरु ने टंडन से फोन पर कहा कि गुजरात के एक शहर में उनके परिवार के कुछ लोगों के घर के बाहर भीड़ जमा है। वह खतरा महसूस कर रहे हैं। इस पर टंडन ने उस समय गुजरात में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। कुछ देर बाद धर्मगुरु ने टंडन को फोन किया और बताया कि अब उनके रिश्तेदार सुरक्षित हैं। एक और वाकया का जिक्र करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान टंडनजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। इस दौरान एक राज्यपाल की बेटी बीमार थीं, उसे भर्ती करने के दौरान हॉस्पिटल खाली कराया जा रहा था, तब उन्होंने ने इसका विरोध किया था, यह वाकया यह बताता है कि वह अन्याय को सहन नहीं करते थे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन लखनऊ की संस्कृति के विकास के लिए समर्पित था। लखनऊ उनकी कर्म और जन्मभूमि रही। सर्वधर्म समभाव उनका प्रमुख सिद्धांत था। कानून व्यवस्था और न्याय उनके लिए सबसे प्रिय थे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि टंडन दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करते थे और उनकी पुस्तक में लखनऊ की संस्कृति सहेजी गई है।
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पुस्तक विमोचन का इतिहास
लालजी टंडन के पुत्र अमित टंडन ने बताया कि उनके पिता के जीवनकाल में पुस्तक का विमोचन नहीं हो पाया था। उनके भाई गोपाल टंडन के समय भी यह संभव नहीं हो सका था। अब यह विमोचन बाबू की जयंती पर हो रहा है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी बृजलाल और महापौर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद थे।
24 साल बाद विधानसभा पहुंचे रक्षा मंत्री, देखी डिजिटल गैलरी
राजनाथ सिंह रविवार को 24 वर्षों बाद विधान भवन पहुंचे। उन्होंने यहां डिजिटल गैलरी का भ्रमण किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनका स्वागत किया। दीर्घा देखने के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिला। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस श्रव्य-दृश्य संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों का जिक्र है। उन्होंने लालजी टंडन के जीवन से जुड़े रोचक संस्मरण भी सुनाए। बताया कि गुजरात दंगों के समय शहर के एक बड़े धर्मगुरु ने टंडन से फोन पर कहा कि गुजरात के एक शहर में उनके परिवार के कुछ लोगों के घर के बाहर भीड़ जमा है। वह खतरा महसूस कर रहे हैं। इस पर टंडन ने उस समय गुजरात में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। कुछ देर बाद धर्मगुरु ने टंडन को फोन किया और बताया कि अब उनके रिश्तेदार सुरक्षित हैं। एक और वाकया का जिक्र करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान टंडनजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। इस दौरान एक राज्यपाल की बेटी बीमार थीं, उसे भर्ती करने के दौरान हॉस्पिटल खाली कराया जा रहा था, तब उन्होंने ने इसका विरोध किया था, यह वाकया यह बताता है कि वह अन्याय को सहन नहीं करते थे।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन लखनऊ की संस्कृति के विकास के लिए समर्पित था। लखनऊ उनकी कर्म और जन्मभूमि रही। सर्वधर्म समभाव उनका प्रमुख सिद्धांत था। कानून व्यवस्था और न्याय उनके लिए सबसे प्रिय थे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि टंडन दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करते थे और उनकी पुस्तक में लखनऊ की संस्कृति सहेजी गई है।
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पुस्तक विमोचन का इतिहास
लालजी टंडन के पुत्र अमित टंडन ने बताया कि उनके पिता के जीवनकाल में पुस्तक का विमोचन नहीं हो पाया था। उनके भाई गोपाल टंडन के समय भी यह संभव नहीं हो सका था। अब यह विमोचन बाबू की जयंती पर हो रहा है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी बृजलाल और महापौर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद थे।
24 साल बाद विधानसभा पहुंचे रक्षा मंत्री, देखी डिजिटल गैलरी
राजनाथ सिंह रविवार को 24 वर्षों बाद विधान भवन पहुंचे। उन्होंने यहां डिजिटल गैलरी का भ्रमण किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनका स्वागत किया। दीर्घा देखने के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिला। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस श्रव्य-दृश्य संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया।