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बिना सुरक्षा हो रहा स्मार्ट सीवर लाइन बिछाने का काम,
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स्मार्ट सिटी योजना में करीब 300 करोड़ की लागत से हो रहे सीवर लाइन बिछाने के काम में गुणवत्ता संग सुरक्षा मानकों में भी लापरवाही बरती जा रही है।
लाइन बिछाने व मैनहोल चैंबर बनाने के लिए की जा रही गहरी खोदाई के दौरान न तो मजदूरों की सुरक्षा को लेकर शटरिंग लगाई जा रही है और न ही राहगीरों की सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग।
ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है जबकि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। इस वक्त भारी ट्रैफिक वाले नॉवेल्टी चौराहे के पास काम चल रहा है।
यहां बीच सड़क करीब दस मीटर के दायरे में इतना ही गहरा गड्ढा खोदा गया है। गड्ढे में पानी भर जाने से सड़क की गिट्टी व मिट्टी भी धसक रही है।
इससे कभी भी सड़क बैठ सकती है और मजदूर हादसे का शिकार हो सकते हैं। लेकिन न तो शटरिंग लगाई और न ही बैरिकेडिंग की गई।
जबकि पूर्व में ऐसे कई हादसे सीवर लाइन बिछाते वक्त हो चुके हैं। यही हाल दयानिधान पार्क के सामने भी है। इनके अलावा अन्य जगहों पर भी ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
लापरवाही से टूट रही सीवर पानी की लाइनें
जलकल के अधिशासी अभियंता अविनाश कुमार ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने वाले ठेकेदार ने कई जगह पानी की लाइनों को तोड़ दिया है। इससे बहुत समस्या हो रही है। लालबाग और सिकंदरबाग चौराहे के पास ही कई जगह पानी की लाइनें तोड़ दी गई हैं। पहले भी कई बार लाइनें तोड़ी है। इसे लेकर जल निगम को कई बार पत्र लिखा गया, पर बिना जानकारी दिए खोदाई शुरू कर देते हैं।
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एक लाइन के लिए तोड़ दी दूसरी लाइन
सीवर लाइन बिछाने के लिए हो रही खोदाई के दौरान दयानिधान पार्क के पास ठेकेदार ने सीवर की पहले से पड़ी नई ब्रांच लाइन को तोड़ दिया है। साथ ही पास की खोदाई में पानी की लाइन को भी डैमेज कर दिया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग भी नही की गई है।
अफसर करते हैं निरीक्षण, नहीं पड़ा कोई फर्क
स्मार्ट सिटी बोर्ड के मुखिया, स्मार्ट सिटी बोर्ड के सीईओ, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित कई अफसर आए दिन प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण भी किया जा रहा है। फिर भी ठेकेदार और जल निगम के इंजीनियरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। न तो समय से काम पूरा हुआ और न ही लापरवाही में सुधार। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अधिकारी निरीक्षण में देखते क्या हैं।
जांच कर कार्रवाई की जाएगी
जल निगम के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के काम के दौरान सुरक्षा मानकों को पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसे लेकर कंपनी को पहले ही निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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लाइन बिछाने व मैनहोल चैंबर बनाने के लिए की जा रही गहरी खोदाई के दौरान न तो मजदूरों की सुरक्षा को लेकर शटरिंग लगाई जा रही है और न ही राहगीरों की सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग।
ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है जबकि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। इस वक्त भारी ट्रैफिक वाले नॉवेल्टी चौराहे के पास काम चल रहा है।
यहां बीच सड़क करीब दस मीटर के दायरे में इतना ही गहरा गड्ढा खोदा गया है। गड्ढे में पानी भर जाने से सड़क की गिट्टी व मिट्टी भी धसक रही है।
इससे कभी भी सड़क बैठ सकती है और मजदूर हादसे का शिकार हो सकते हैं। लेकिन न तो शटरिंग लगाई और न ही बैरिकेडिंग की गई।
जबकि पूर्व में ऐसे कई हादसे सीवर लाइन बिछाते वक्त हो चुके हैं। यही हाल दयानिधान पार्क के सामने भी है। इनके अलावा अन्य जगहों पर भी ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
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लापरवाही से टूट रही सीवर पानी की लाइनें
जलकल के अधिशासी अभियंता अविनाश कुमार ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने वाले ठेकेदार ने कई जगह पानी की लाइनों को तोड़ दिया है। इससे बहुत समस्या हो रही है। लालबाग और सिकंदरबाग चौराहे के पास ही कई जगह पानी की लाइनें तोड़ दी गई हैं। पहले भी कई बार लाइनें तोड़ी है। इसे लेकर जल निगम को कई बार पत्र लिखा गया, पर बिना जानकारी दिए खोदाई शुरू कर देते हैं।
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एक लाइन के लिए तोड़ दी दूसरी लाइन
सीवर लाइन बिछाने के लिए हो रही खोदाई के दौरान दयानिधान पार्क के पास ठेकेदार ने सीवर की पहले से पड़ी नई ब्रांच लाइन को तोड़ दिया है। साथ ही पास की खोदाई में पानी की लाइन को भी डैमेज कर दिया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग भी नही की गई है।
अफसर करते हैं निरीक्षण, नहीं पड़ा कोई फर्क
स्मार्ट सिटी बोर्ड के मुखिया, स्मार्ट सिटी बोर्ड के सीईओ, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित कई अफसर आए दिन प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण भी किया जा रहा है। फिर भी ठेकेदार और जल निगम के इंजीनियरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। न तो समय से काम पूरा हुआ और न ही लापरवाही में सुधार। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अधिकारी निरीक्षण में देखते क्या हैं।
जांच कर कार्रवाई की जाएगी
जल निगम के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के काम के दौरान सुरक्षा मानकों को पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसे लेकर कंपनी को पहले ही निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।