फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   small cut will give relief from slip disk

छोटा सा कट देगा स्लिप डिस्क के दर्द से राहत, लोहिया संस्थान में हुए शोध को इंडियन जर्नल ऑफ पेन ने दी मान्यता

Wed, 27 Oct 2021 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 02:00 AM IST
विज्ञापन
small cut will give relief from slip disk
स्लिप डिस्क और साइटिका के गंभीर मामलों में सर्जरी ही एकमात्र इलाज होता है। इसकी सर्जरी काफी जटिल मानी जाती है। मगर अब डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नई तकनीक विकसित की गई है, जिसमें करीब चार से छह सेंटीमीटर का चीरा लगाकर सर्जरी की जा सकेगी। वर्ष 2017 से 2019 के बीच संस्थान में आए मरीजों पर इसका परीक्षण किया गया। अब इसको इंडियन जर्नल ऑफ पेन ने मान्यता देते हुए प्रकाशित किया है।
विज्ञापन

शोध करने वाले डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक मालवीय के निर्देश पर इस शोध की शुुरुआत की गई थी। इसके लिए कुल 64 मरीजों का चयन किया गया। इन मरीजों के पैरों में दर्द, जलन और झुनझुनी होती थी। इलाज से लाभ न होने पर इन पर मिनिमली इनवेसिव पेन एंड स्पाइन इंटरवेंशन (एमआईपीएसआई) तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया। इसके तहत एंडोस्कोपी के माध्यम से करीब एक बटन के आकार का चीरा लगाकर डिस्क के हिस्से को काटा गया। यह वही हिस्सा था जो नस को दबा रहा था। नस दबने की वजह से लगातार दर्द की शिकायत बनी हुई थी। ऐसा करने के बाद उम्मीद से बेहतर परिणाम मिले। 58 मरीजों ने इस बीमारी से स्थायी रूप से ठीक होने की बात कही।
विज्ञापन

तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी
इस तकनीक में चीरे का आकार बेहद छोटा होने की वजह से कई फायदे हैं। कम खून बहने और संक्रमण की आशंका बेहद कम होने से रोगी को काफी कम समय अस्पताल में रहना पड़ा। औसतन तीन दिन में मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद करीब 15 दिन में मरीज पूरी तरह से पहले की तरह सामान्य हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्लिप डिस्क को समझें :
रीढ़ में हर डिस्क दो भागों में होती है। इसमें अंदर का हिस्सा नरम और ऊपरी हिस्सा कठोर होता है। किसी चोट या फिर कमजोरी की वजह से डिस्क का भीतरी हिस्सा बाहरी से अलग हट जाता है। इसे ही स्लिप डिस्क कहते हैं। डिस्क का हिस्सा बाहर निकलने की वजह से भयंकर दर्द और बेचैनी होती है। दवाओं से इसका इलाज मुश्किल हो जाता है, इसलिए कई बार सर्जरी जरूरी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed