61 पीपीएस अफसरों की तैनाती बदली
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राज्य सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक मशीनरी में एक और बड़ा फेरबदल करते हुए 61 पीपीएस अफसरों को इधर से उधर कर दिया।
सरकार के इस कदम से चार माह पूर्व डीएसपी से एएसपी बन चुके प्रांतीय पुलिस सेवा के 50 से अधिक अफसरों को आखिरकार तैनाती दे दी गई।
लोकसभा चुनाव के बाद कानून-व्यवस्था को चौकस करने के लिए पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर रही राज्य सरकार ने मंगलवार शाम को 61 पीपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए।
हालांकि, यह तबादले कुछ महीना पहले ही होने थे, लेकिन ऊंची पहुंच वाले कुछ पीपीएस अफसरों की प्रोन्नति बाद में हुई, इससे सूची को लटकाए रखा गया।
18 अफसर डीजीपी मुख्यालय से सम्बद्घ
तबादलों के क्रम में अभी तक सीओ हजरतगंज रहे दिनेश यादव को अब एसपी ट्रांसगोमती बनाया गया है, जबकि एसपी ट्रांसगोमती रहे हबीबुल हसन को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा 18 अफसरों को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है, जबकि छह अफसरों को नए सृजित पदों पर तैनात किया गया है। इन पदों का सृजन अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्षों के लिए किया गया है।
महीनों के इस विलंब के पीछे डीएसपी से एएसपी बनने वाले कुछ पुलिस अधिकारियों का ही हाथ रहा। कारण यह रहा कि इनमें से एक अधिकारी को लखनऊ के एक खास पद पर ही तैनात होना था।
अगर पीपीएस अफसरों की तबादला सूची पहले जारी हो जाती तो इस अधिकारी को उस पद पर तैनाती नहीं हो पाती। क्योंकि वह तब तक अपर पुलिस अधीक्षक की वरिष्ठता हासिल नहीं कर सका था। बात यहीं नहीं रुकी।
तैनाती के लिए हुआ खेल
यह सूची सोमवार को ही तय हो गई थी, लेकिन जिस पद के लिए मारामारी थी, वहां तैनात अधिकारी को इसकी भनक लग गई कि उन्हें हटाया जा रहा है।
सूची जारी होती, इससे पहले ही यह अधिकारी एक धार्मिक प्रतिष्ठान से जुड़े एक महत्वपूर्ण हस्ती से अपने पक्ष में पैरवी करा दी। नतीजा यह हुआ कि जो सूची तैयार हो चुकी थी, उसे जारी करने में असमंजस हो गया।
देर शाम तक विमर्श हुआ। गृह विभाग के अधिकारी भी इंतजार करते रहे, लेकिन रात तक मामला तय नहीं हो सका। मंगलवार को दिन में ऊपर से यह तय हुआ कि जो सूची तैयार हुई थी, उसे ही जारी किया जाए।