धमाकेदार अंदाज में मुलायम की तीसरी पीढ़ी संसद में
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मैनपुरी में जीत के साथ ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव परिवार की तीसरी पीढ़ी ने भी संसद में एंट्री मार ली। तेज प्रताप लोकसभा में पहुंचने वाले मुलायम परिवार के पांचवें सदस्य हैं।
राज्यसभा में रामगोपाल यादव को भी जोड़ दिया जाए तो संसद में तेज प्रताप इस परिवार के छठवें सदस्य हैं। खास बात है कि लोकसभा में पहली बार किसी परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ होंगी।
आम चुनाव में सपा की करारी शिकस्त के बावजूद मुलायम परिवार का कद कम नहीं हुआ और उनके परिवार के चारों सदस्य संसद में पहुंचने में सफल रहे।
इससे इस परिवार का यूपी में सियासी रसूख बढ़ा है। न केवल बाहर, बल्कि पार्टी के अंदर भी। तभी तो मुलायम के मैनपुरी सीट छोड़ने पर तेजप्रताप को टिकट देने का पार्टी में विरोध तक नहीं हुआ।
संसद में मुलायम से तेज तक
मुलायम सिंह यादव: परिवार की सियासी शक्ति के केंद्र बिंदु। छात्र राजनीति से निकल 1967 में यूपी विधानसभा का चुनाव जीते। लोक दल से लेकर जनता दल तक लंबा सफर तय किया। 1989 में पहली बार सूबे के मुख्यमंत्री बने। 1992 में समाजवादी पार्टी बनाई। 1993 में बसपा के साथ मिलकर सरकार बनाई। 1996 में रक्षा मंत्री रहे। 2002 में तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।
डिम्पल यादव: मुलायम की बहू एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी। 2009 में पहली बार फीरोजाबाद में लोकसभा के उपचुनाव से सियासत के मैदान में उतरीं। कन्नौज और फीरोजाबाद सीट से जीतने के बाद अखिलेश यादव ने यह सीट खाली की थी। 2012 में अखिलेश के सीएम बनने के बाद खाली हुई कन्नौज सीट से निर्विरोध चुनी गईं।
ये भी हैं संसद में
धर्मेंद्र यादव: मुलायम के छोटे भाई अभय राम यादव के बेटे। मैनपुरी लोकसभा सीट के 2004 में हुए उपचुनाव में जीत से संसद पहुंचे। 2009 और 2014 में बदायूं सीट से फिर बाजी मारी।
अक्षय यादव: मुलायम के भाई राम गोपाल यादव के बेटे। 2014 के आम चुनाव में फीरोजाबाद संसदीय सीट से जीते।
तेज प्रताप यादव: मुलायम के बड़े भाई रतन सिंह के नाती। लंदन से एमबीए तेज प्रताप सैफई के ब्लॉक प्रमुख रहे।