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राजधानी में छह जगह बनेंगे लॉजिस्टिक पार्क, मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई सिटी लॉजिस्टिक समन्वय समिति की बैठक
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राजधानी में माल की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए छह जगह लॉजिस्टिक पार्क बनाने की योजना है। इन्हें शहर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, किसान पथ सहित प्रमुख सड़कों पर बनाने की योजना है। इन लॉजिस्टिक पार्क का फायदा शहर के बाजारों को भी मिले, इसके लिए रोड नेटवर्क और ट्रैफिक व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।
मंगलवार को एलडीए में मंडलायुक्त रंजन कुमार ने सिटी लॉजिस्टिक समन्वय समिति की बैठक में उद्यमी, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, परिवहन विभाग के अधिकारियों संग बैठक की। एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने छह जगहों को चिह्नित कर प्राधिकरण की तरफ से लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। इन जगहों का आकलन अब समन्वय समिति की निगरानी में विशेषज्ञों की टीम करेगी। उद्यमियों से भी इसको लेकर रायशुमारी की जाएगी। फ्रेट सर्विस प्रोवाइडर्स के अलावा ट्रांसपोर्टर संगठन, एनएचएआई, मेट्रो, पीडब्ल्यूडी, रेलवे से भी सलाह लेने के लिए मंडलायुक्त ने कहा है।
उन्होंने कहा कि बाजारों तक पहुंच को भी बेहतर करना होगा। इसके लिए सड़कों को बेहतर बनाएं। ट्रांसपोर्टर से पूछा जाए कि शहर के बाजारों में उत्पाद पहुंचाने के लिए कौन-कौन से मार्ग का इस्तेमाल सर्वाधिक किया जाता है। पुलिस, आरटीओ संयुक्त रूप से सरिया, पाइप इत्यादि की ओवरलोडिंग करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाएं। बैठक में एलडीए सचिव पवन गंगवार, संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया मौजूद रहे।
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ऑनलाइन सिस्टम से ऑटो रिजेक्ट हुए नक्शों की मांगी सूची
मंडलायुक्त ने बैठक में नक्शों के स्वीकृत होने में आ रही दिक्कतों पर भी जानकारी ली। मंडलायुक्त ने एलडीए अधिकारियों से कहा है कि ऑनलाइन सिस्टम से प्री-अप्रूवल में ऑटो-रिजेक्ट हो रहे नक्शों की सूची तैयार की जाए। इसमें देखा जाए कि आखिर किस आधार पर ये नक्शे खारिज किए। इसकी जांच होनी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि आर्किटेक्ट के नक्शा जमा करने के बाद ऑनलाइन सिस्टम ऑटो-स्क्रूटनी करता है। पहले चरण में वहीं से नक्शा रिजेक्ट कर दिया जाता है। यह पहले से सिस्टम में फीड की गई जानकारी के आधार पर होता है। मंडलायुक्त ने इसके अलावा सात दिन में लंबित प्रकरण का निस्तारण करने के लिए कहा गया है।
यहां प्रस्तावित किए गए लॉजिस्टिक पार्क :
- सुल्तानपुर रोड पर रेलवे लाइन एवं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बीच औद्योगिक जमीन पर।
- नगराम रोड के दक्षिण-पूर्व दिशा में औद्योगिक जमीन पर।
- सीतापुर रोड व अस्ती रोड का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन पर।
- हरदोई रोड व आउटर रिंगरोड का जंक्शन (प्रस्तावित आईटी सिटी की जमीन)।
- किसान पथ एवं 45 मीटर चौड़ी महायोजना रोड का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन पर।
- हरदोई रोड पर रेलवे लाइन व रिंगरोड (दुबग्गा-आलमबाग) का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन।
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मंगलवार को एलडीए में मंडलायुक्त रंजन कुमार ने सिटी लॉजिस्टिक समन्वय समिति की बैठक में उद्यमी, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, परिवहन विभाग के अधिकारियों संग बैठक की। एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने छह जगहों को चिह्नित कर प्राधिकरण की तरफ से लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। इन जगहों का आकलन अब समन्वय समिति की निगरानी में विशेषज्ञों की टीम करेगी। उद्यमियों से भी इसको लेकर रायशुमारी की जाएगी। फ्रेट सर्विस प्रोवाइडर्स के अलावा ट्रांसपोर्टर संगठन, एनएचएआई, मेट्रो, पीडब्ल्यूडी, रेलवे से भी सलाह लेने के लिए मंडलायुक्त ने कहा है।
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उन्होंने कहा कि बाजारों तक पहुंच को भी बेहतर करना होगा। इसके लिए सड़कों को बेहतर बनाएं। ट्रांसपोर्टर से पूछा जाए कि शहर के बाजारों में उत्पाद पहुंचाने के लिए कौन-कौन से मार्ग का इस्तेमाल सर्वाधिक किया जाता है। पुलिस, आरटीओ संयुक्त रूप से सरिया, पाइप इत्यादि की ओवरलोडिंग करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाएं। बैठक में एलडीए सचिव पवन गंगवार, संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया मौजूद रहे।
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ऑनलाइन सिस्टम से ऑटो रिजेक्ट हुए नक्शों की मांगी सूची
मंडलायुक्त ने बैठक में नक्शों के स्वीकृत होने में आ रही दिक्कतों पर भी जानकारी ली। मंडलायुक्त ने एलडीए अधिकारियों से कहा है कि ऑनलाइन सिस्टम से प्री-अप्रूवल में ऑटो-रिजेक्ट हो रहे नक्शों की सूची तैयार की जाए। इसमें देखा जाए कि आखिर किस आधार पर ये नक्शे खारिज किए। इसकी जांच होनी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि आर्किटेक्ट के नक्शा जमा करने के बाद ऑनलाइन सिस्टम ऑटो-स्क्रूटनी करता है। पहले चरण में वहीं से नक्शा रिजेक्ट कर दिया जाता है। यह पहले से सिस्टम में फीड की गई जानकारी के आधार पर होता है। मंडलायुक्त ने इसके अलावा सात दिन में लंबित प्रकरण का निस्तारण करने के लिए कहा गया है।
यहां प्रस्तावित किए गए लॉजिस्टिक पार्क :
- सुल्तानपुर रोड पर रेलवे लाइन एवं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बीच औद्योगिक जमीन पर।
- नगराम रोड के दक्षिण-पूर्व दिशा में औद्योगिक जमीन पर।
- सीतापुर रोड व अस्ती रोड का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन पर।
- हरदोई रोड व आउटर रिंगरोड का जंक्शन (प्रस्तावित आईटी सिटी की जमीन)।
- किसान पथ एवं 45 मीटर चौड़ी महायोजना रोड का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन पर।
- हरदोई रोड पर रेलवे लाइन व रिंगरोड (दुबग्गा-आलमबाग) का जंक्शन पर औद्योगिक जमीन।