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नवाबी शहर में सम्मानित हुईं ये खूबसूरत अदाकाराएं
नीरज शुक्ला/लखनऊ
Updated Sun, 20 Oct 2013 01:40 AM IST
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80 के दशक की छह मशहूर अभिनेत्रियां शनिवार को ‘गंगा-जमुनी तहजीब अवार्ड’ से नवाजी गईं।
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संगीत नाटक अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अभिषेक मिश्र ने जरीना वहाब, अनीता राज, रति अग्निहोत्री, पद्मिनी कोल्हापुरी, निम्मी और रामेश्वरी को 51 हजार रुपये का चेक, बुके व प्रशस्तिपत्र देकर अलंकृत किया।
प्लेयर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस समारोह में निम्मी की जगह उनके भांजे नईम सिद्दीकी ने सम्मान ग्रहण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गोरखपुर से आए शैलेष त्रिपाठी ने दर्शकों को खूब हंसाया। ‘मुझसा शरीफ सारे जमाने में नहीं है, तस्वीर मेरी कौन से थाने में नहीं है’ सुनाकर तालियां बटोरीं।
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इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई लतीफे सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। इसके अलावा शारीरिक रूप से अक्षम रूबी मिश्र, सुनीता देवी व रईस जहां को व्हीलचेयर दी गई।
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समारोह में सम्मातिन अभिनेत्रियों ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में तमाम मुद्दों पर विचार साझा किए। सुप्रसिद्ध अभिनेता जगदीश राज की बेटी अनीता राज मानती हैं कि पहले की तुलना में अभिनेत्रियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।
छोटा कॅरिअर होने के बावजूद अभिनेत्रियां 40 की उम्र में मां, सास और दूसरे किरदार निभा सकती है, लेकिन हीरो बाप तक नहीं बन सकता (हंसते हुए)। अपनी फिटनेस के बारे में उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच इसकी वजह है।
फिल्मों की सफलता के मायने बदलने से खासी नाराज हैं, कहती हैं कि अब गोल्डन और सिल्वर जुबली फिल्में हफ्ते दो हफ्ते से ज्यादा नहीं चलती। उनकी सफलता ‘सौ दो सौ क्लब’ से आंकी जाती है। वह फिलहाल धारावाहिक ‘24’ में व्यस्त हूं।
वहीं, अभिनेत्री जरीना वहाब जिया खान सुसाइड मसले पर कहती हैं कि बेटा सूरज बेगुनाह है, उसे साजिशन फंसाया गया है। वह जांच पर भी सवालिया निशान लगाती हैं।
फिल्म इंडस्ट्री के बारे में कहती हैं कि लोगों का नजरिया बदल रहा है, इसलिए फिल्मों का स्वरूप भी बदल रहा है। फिल्में व्यवसाय बन गई हों, लेकिन आज भी ‘लंच बॉक्स’ जैसी फिल्में बन रही है।
जरीना फिलहाल दूरदर्शन के धारावाहिक ‘ये जिंदगी है गुलशन’ और ‘एक किरन रोशनी’ में व्यस्त हैं। जल्द ही वह फिल्म ‘गन्स ऑफ बनारस’ में नजर आएंगी।
उधर, ‘एक दूजे के लिए’ से कॅरिअर शुरू करने वाली रति अग्निहोत्री की ख्वाहिश है धर्मेंद्र व अमिताभ अभिनीत फिल्म में काम करें। हालांकि, करीब 45 फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री अमिताभ बच्चन संग ‘कुली’ और धर्मेंद्र के साथ ‘हुकूमत’ में अभिनय किया।
रति दीपिका पादुकोण को बेस्ट एक्ट्रेस मानती हैं। वह 16 वर्षों तक फिल्मों से दूर रहीं, लेकिन इसका उन्हें कोई मलाल नहीं है।
वहीं, दुल्हन वही जो पिया मन भाए’ जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाली रामेश्वरी न तो धारावाहिकों और न ही फिल्मों में काम करने के बारे में सोच रही हैं।
नई पारी शुरू करने से बेहतर है फार्म हाउस पर जाकर प्याज उगाना बताती हैं। हंसते हुए कहती हैं क्योंकि प्याज बहुत महंगा हो रहा है। रामेश्वरी कहती हैं कि फिल्मों में अभिनेत्रियों की डिमांड पहले से ज्यादा हो गई है।
उधर, ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ में ऑटो रिक्शा ड्राइवर की भूमिका निभाने वाली पद्मिनी कोल्हापुरी कहती हैं कि रिक्शा चलाना आसान नहीं था, लेकिन उस चरित्र से महिलाओं को ताकत मिलती है और उनके हौसले बुलंद होते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाएं भले ही ऑटो चलाकर परिवार का भरण करें, लेकिन बच्चों को अच्छे संस्कार ही दें। अपनी आने वाली फिल्मों पर उन्होंने कहा कि फिलहाल तो कोई प्रोजेक्ट नहीं है।