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Sitapur: 84 कोसी परिक्रमा में संत सुरेश दास का हृदयगति रुकने से निधन, देवगवां में अचानक बिगड़ी तबीयत
Tue, 24 Feb 2026 01:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:54 PM IST
सार
सीतापुर में 84 कोसी परिक्रमा में शामिल संत सुरेश दास की हार्ट अटकैक पड़ने से मृत्यु हो गई। वह स्वर्गीय महंत भरत दास महाराज के शिष्य थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीतापुर जिले के पिसावां के देवगवां गांव के छठे पड़ाव स्थल पर चल रही 84 कोसी परिक्रमा में मंगलवार सुबह परिक्रमा में शामिल संत सुरेश दास (55) का निधन हो गया।
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संत सुरेश दास स्वर्गीय महंत भरत दास महाराज के शिष्य थे। उनकी तबीयत देवगवां पड़ाव स्थल पर अचानक बिगड़ गई। संत के अस्वस्थ होने की सूचना पर उनके गुरु भाई अजय दास, भयंकरानंद और श्याम दास ने मौके पर चिकित्सकों से सम्पर्क किया।
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मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें सीएचसी रेफर कर दिया। पिसावां थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह तोमर ने अपने सरकारी वाहन से संत को सुबह करीब सात बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां तैनात चिकित्सक डॉ. पूर्णिक पटेल ने जांच के बाद संत को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार प्रथमदृष्टया मृत्यु का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
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गुरु भाई बाबा जगमोहन दास ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए संत परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार देवगवां के छठे पड़ाव स्थल पर ही करने की बात कही। साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं।