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सीतापुरः चटकी पटरी पर दौड़ गई यात्रियों से भरी ट्रेन
Sun, 17 Nov 2019 01:51 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 17 Nov 2019 01:51 PM IST
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सुरैंचा के पास चटकी पटरी।
- फोटो : amar ujala
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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के ऐशबाग-सीतापुर प्रखंड पर रविवार को सुरैंचा के पास एक पैसेंजर ट्रेन चटकी पटरी पर दौड़ गई। गनीमत यह रही है कि इससे वहां पर कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों की सजगता व लोको पायलट की सूझबूझ से ये हादसा टल जरूर गया। ये ट्रेन लखीमपुर से यात्रियों को लेकर ऐशबाग को जा रही थी।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अफसर-कर्मचारियों ने कॉशन से करीब 40 मिनट देरी से ट्रेन को ऐशबाग के लिए रवाना किया, हालांकि अफसर-कर्मचारी देर शाम तक क्षतिग्रस्त ट्रैक को दुरुस्त करने में जुटे रहे। रविवार की सुबह लखीमपुर से यात्रियों को लेकर एक पैसेंजर ट्रेन ऐशबाग जा रही थी। इसी बीच सरैंया हॉल्ट स्टेेशन के पास कुछ ग्रामीण रेलवे ट्रैक के किनारे खड़े थे, तभी वहां पर पटरी चटकी देखी। यह देखकर उनके होश फाख्ता हो गए।
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फौरन ग्रामीणों ने इसकी सूचना सुरैंचा हॉल्ट पर टिकट वितरण करने वाले राज शुक्ला को दी। इस पर उसने आननफानन कंट्रोल रूम व लोको पायलट, गार्ड को इसकी जानकारी दी। इससे रेल महकमे में हड़कंप मच गया। इससे पहले लोको पायलट ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगाता, तब तक आधी ट्रेन चटकी पटरी से गुजर चुकी थी, हालांकि ग्रामीणों की सजगता व लोको पायलट व गार्ड की सूझबूझ से वहां पर बड़ा रेल हादसा होते बच गया।
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40 मिनट खड़ी रही ट्रेन
सूचना पाकर मौके पर सिधौली पीडब्लूवाई के अवर अभियंता अमरनाथ, सीनियर सेक्शन इंजीनियर शाहिद वकील ने वहां का हालातों का जायजा लिया। साथ ही अफसर-कर्मचारी ने क्षतिग्रस्त ट्रैक को दुरुस्त कराया। यह कार्य पूरा होने के बाद कॉशन से ट्रेन को वहां से रवाना किया गया।
ऐसे में वहां पर करीब 40 मिनट ट्रेन खड़ी रही। सीनियर सेक्शन इंजीनियर शाहिद ने बताया कि ठंड में पटरी चटक जाती है, हालांकि सर्दी में पटरियों की निगरानी की जाती है। सुरैंचा के पास क्षतिग्रस्त पटरी को दुरुस्त कराकर कॉशन से ट्रेन को रवाना किया गया है।
ऐसे में वहां पर करीब 40 मिनट ट्रेन खड़ी रही। सीनियर सेक्शन इंजीनियर शाहिद ने बताया कि ठंड में पटरी चटक जाती है, हालांकि सर्दी में पटरियों की निगरानी की जाती है। सुरैंचा के पास क्षतिग्रस्त पटरी को दुरुस्त कराकर कॉशन से ट्रेन को रवाना किया गया है।