विवेक हत्याकांड: आरोपी सिपाहियों ने एसआईटी को दिया बयान, बोले-धोखे से चली गोली
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विवेक तिवारी की हत्या के आरोप में जेल में बंद सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने एसआईटी को दिए अपने बयान में गलती से फायर होने की बात कही है। बृहस्पतिवार दोपहर एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने जेल जाकर हत्यारोपी सिपाहियों के बयान दर्ज किए।
प्रशांत ने बताया कि शुक्रवार रात वह और संदीप चीता मोबाइल से मलेसेमऊ से गश्त करके आ रहे थे तभी सरयू अपार्टमेंट वाली सड़क पर एक कार खड़ी देखी। सिपाही कार के सामने पहुंचे और बाइक रोक दी। दोनों बाइक से नीचे उतर गए।
प्रशांत कार की ड्राइविंग सीट की तरफ पहुंचा और संदीप दूसरी तरफ। सिपाहियों का कहना था कि कार में युवक-युवती को बैठा देखकर शक हुआ और बाहर आने को कहा गया। इस पर युवक ने इनकार कर दिया और कार आगे बढ़ाकर बाइक को टक्कर मार दी।
इस पर सिपाही सावधान हो गए और कार से दूरी बना ली। सिपाहियों का कहना था कि कार के चालक ने तीन बार बाइक में टक्कर मारी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। चेतावनी देने के लिए प्रशांत ने पिस्टल निकालकर तान दी।
उसने गोली चलाने की धमकी दी। हालांकि, इसी बीच फायर हो गया। प्रशांत ने अपने बयान में कहा है कि उसने कार चला रहे युवक को सिर्फ चेतावनी देने के लिए पिस्टल तानी थी। गोली चलाने व उसे जान से मारने का कोई इरादा नहीं था। उसने कहा कि यह महज इत्तेफाक था कि पिस्टल से फायर हो गया और गोली विंड स्क्रीन को चीरती हुई कार चला रहे युवक को लग गई।
विवेक और उसकी पूर्व सहकर्मी से किसी तरह की जान-पहचान से किया इनकार
विवेक तिवारी की हत्या के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी व उसके साथ मौजूद सिपाही संदीप कुमार ने विवेक और उसकी पूर्व सहकर्मी से किसी भी तरह की पुरानी जान-पहचान होने की बात से इनकार किया है।
एसआईटी ने दोनों सिपाहियों से इस बारे में भी पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि कहीं विवेक अथवा उसकी पूर्व सहकर्मी से पहले की जान-पहचान या मुलाकात तो नहीं थी। कहीं किसी वजह से दोनों के बीच कोई रंजिश या तनाव तो नहीं था जो गुस्से में गोली चला दी गई। सिपाहियों ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार रात पहली बार विवेक और उसकी पूर्व सहकर्मी को देखा था।