कमलेश तिवारी हत्याकांड में एसआईटी ने जेल में आरोपियों से की पूछताछ
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लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में कुछ नये तथ्य सामने आने के बाद एसआईटी की एक टीम ने शुक्रवार दोपहर जेल में आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमलेश की हत्या के आरोपी गुजरात के सूरत निवासी अशफाक और उसके मददगार नागपुर के आसिम समेत बरेली के नावेद से घंटों सवाल-जवाब किए गए।
साजिशकर्ता गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख, फैजान यूनुस, अशफाक और मोइनुद्दीन और इनके मददगार नागपुर के सैय्यद आसिम अली, बरेली के कैफी अली, वकील नावेद, कामरान, लखीमपुर के पलिया निवासी रईस व आसिफ जेल में हैं।
कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर दिल्ली में एक संदिग्ध के पकड़े जाने और हत्याकांड के तार पाकिस्तान व अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी दाऊद इब्राहिम से जोड़ने की चर्चा ने सनसनी फैला दी।
पकड़े गए असलहा सप्लाई करने के आरोपी
गुजरात और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम कमलेश तिवारी हत्याकांड के मामले में हत्यारों को असलहा सप्लाई करने के आरोपी हथगांव के रायपुर मुवारी (फतेहपुर) निवासी युसूफ खान को घंटाघर चौराहे से दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं।
18 अक्तूबर को कमलेश तिवारी की दो हमलावरों ने नाका क्षेत्र स्थित उनके कार्यालय में हत्या कर दी थी। इस मामले में गुजरात और यूपी एटीएस ने मुख्य आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन उर्फ फरीद पठान के साथ मिलकर हत्या की साजिश करने वालों और उनके मददगारों को पहले ही पकड़ लिया है।
हत्यारों को पिस्टल देने की बात कबूली
पुलिस हत्यारों को असलहा उपलब्ध करने वाले आरोपी की तलाश कर रही थी। एटीएस की लखनऊ टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार शाम छह बजे घंटाघर चौराहे से यूसुफ खान को भी दबोच लिया। एटीएस यूसुफ से पूछताछ कर रही है। मूलरूप से फतेहपुर निवासी यूसुफ खान पिछले कुछ समय से गुजरात में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने हत्यारों को सूरत में पिस्टल देने की बात कबूली है।