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रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी: शिकायतें दर्ज करने के लिए नहीं पड़ेगा भटकना, अब हर मर्ज की दवा ये नंबर

Wed, 07 Aug 2019 06:10 AM IST
ishwar ashish नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 07 Aug 2019 06:10 AM IST
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single helpline number for all services in railway
प्रतीकात्मक तस्वीर

रेलयात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे में टिकट से लेकर खानपान और चोरी से लेकर दुर्घटना तक की सभी शिकायतें दर्ज कराने केलिए भटकना नहीं पड़ेगा। 139 हेल्पलाइन नंबर पर उन्हें सारी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा मिलने लगी है।

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पहले इस नंबर पर सिर्फ टिकट से जुड़े मामलों की ही जानकारियां मिलती थीं। दरअसल, रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन इस्तेमाल की जाती हैं। मसलन, ट्रेन या स्टेशन पर छेड़छाड़, चोरी या अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व जीआरपी की हेल्पलाइन हैं।
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ऐसे ही खानपान व टिकटिंग से जुड़े मामलों के लिए आईआरसीटीसी की हेल्पलाइन हैं। इसके अतिरिक्त ईमेल, एसएमएस व ट्विटर पर भी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा रेलवे की ओर से दी जाती है। पर, इन सारी हेल्पलाइनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है।

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कस्टमर केयर प्रतिनिधि सुनेंगे शिकायत

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

इसके तहत 139 को सुपर हेल्पलाइन बनाया गया है, जिस पर यात्री हर प्रकार की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा करने के पीछे का एक उद्देश्य यह भी है कि शिकायतों के सही आंकड़े तैयार किए जा सकेंगे।

जैसे कि खानपान, सुरक्षा, चिकित्सा आदि के मामलों के एक साथ आंकड़े होने से उनके निस्तारण के लिए योजनाएं बनाने में खासी राहत मिलेगी। यह सुविधा 24 घंटे व पूरे हफ्ते मिलेगी।

अब 139 पर कॉल करने वालों को यह सुविधा भी मिलेगी। जब आप कॉल करेंगे तो रेलवे की ओर से सुरक्षा, चिकित्सा, पूछताछ, खानपान, सामान्य शिकायत, भ्रष्टाचार, दुर्घटना संबंधित दर्ज शिकायत की स्थिति की सुविधाएं तो मिलेंगी ही, साथ ही ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात करने का मौका भी मिलेगा।

दुर्घटना हो तो भी बताएं...

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प्रतीकात्मक तस्वीर

मॉनीटरिंग में मिलेगी मदद
दरअसल, अलग-अलग हेल्पलाइनें होने से रेलवे को मॉनीटरिंग में मुश्किलें होती थीं। ऐसे में एक ही प्लेटफॉर्म पर शिकायतें आएंगी और उन्हें संबंधित विभाग के पास प्रेषित कर दिया जाता है। इतना ही नहीं संबंधित विभाग से शिकायत दर्ज होने के बाद उस पर क्या एक्शन लिया गया और समस्या की गंभीरता का भी फीडबैक हेल्पलाइन अधिकारी संबंधित विभाग से लेंगे।

यह पहली बार है, जब रेलवे ने दुर्घटना की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन पर सुविधा दी है। इससे पूर्व रेलकर्मियों के लिए तो दुर्घटना की जानकारी देने के लिए सेफ्टी पोर्टल था। पर, अब रेलयात्री भी 139 पर कॉल कर दुर्घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी रेलवे को दे सकते हैं। मसलन, बोगी से आवाजें आ रही हों, कहीं सुरक्षा की अनदेखी हो रही हो या फिर हादसा हो गया हो तो उसकी जानकारी भी दे सकते हैं।

सुपर हेल्पलाइन होगी 139

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प्रतीकात्मक तस्वीर

रेलवे की प्रमुख हेल्पलाइन
-182 आरपीएफ
-1098 चाइल्डलाइन
-1512 जीआरपी हेल्पलाइन
-138 ट्रेन में लाइट, पंखा, एसी व चिकित्सा से जुड़ी शिकायतों के लिए
-139 पर पीएनआर, टिकट की जानकारी मिलती थी, अब सभी शिकायतें कर सकेंगे
- 9717630982 पर एसएमएस कर शिकायत कर सकते हैं
- रेलवे की हेल्पलाइन सीपीग्राम पर मेल कर सकते हैं

रेलवे की 139 हेल्पलाइन पर अब सारी सुविधाएं मिलेंगी। सभी प्रकार की शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। सेफ्टी, सिक्योरिटी, टिकटिंग, इंक्वायरी, भ्रष्टाचार, खानपान आदि की सारी शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। - जगतोष शुक्ल, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे

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