सिन्धी संस्कृति...भाषा उत्सव : स्टॉल लगाकर आयोजन, सिर्फ पांच रुपए में मिले स्वादिष्ट पकवान, उमड़ी जबरदस्त भीड़
भगवान झूलेलाल जी की आरती कर सिन्धी भाषा सांस्कृतिक उत्सव शुरू किया गया। सिन्धी स्वादिष्ट पकवानों व्यंजनों के स्टॉल पर जबदस्त भीड़ लगी रही।
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हजरतगंज स्थित मोतीमहल रिचीरीच वाटिका में सोमवार को आयोजित सिन्धी भाषा एवं संस्कृति उत्सव में जबरदस्त उत्साह और उल्लास देखने को मिला। सुबह से ही वाटिका सिन्धी व्यंजनों की खुशबू, फूलों की सजावट और रंग-बिरंगे परिधानों से महकती रही। बड़ी संख्या में सिन्धी समाज के वरिष्ठ नागरिक पारंपरिक सिन्धी वेशभूषा में नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, देशभक्ति गीतों और लगभग 500 गुब्बारों के आकाश में उड़ान के साथ हुई। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय झूलेलाल’ के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। महिलाओं और बच्चों ने एक-दूसरे को गले लगाकर सिन्धी में अभिवादन किया।
सिन्धी महिलाओं और बच्चों में एक दूसरे से गले मिलकर सिन्धी में "हरे राम "जय झूले लाल बोल" कर गले लग रहे थे माहौल खुशनुमा था सेल्फी प्वाइंट पर महिलाएं खूब सेल्फी ले रही थी फूलों से वाटिका महक रही थीं, तो दूसरी तरफ सिन्धी स्कूलों के बच्चों ने देश भक्ति के गीत गाए ढोल नगाड़ों संग अलवर राजस्थान की सिन्धी शहनाई में सिन्धी पुरुषों/ महिलाओं ने भांगड़ा नित्य खूब जमकर कर किया।
मकसद युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ना
इस भव्य आयोजन के मौके पर मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी अध्यक्ष रतन मेघानी महामंत्री संजय जसवानी श्याम कृषनानी कोषाध्यक्ष सतेन्द्र भावनानी जेपी नागपाल राम बालानी कृष्णचंद बमबानी ने संयुक्त रूप से बताया कि इस आयोजन का मकसद युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ना जागरूक करना है। इस मौके पर लखनऊ की सिन्धी पंचायतों के सम्मानित मुखी गण आयोजन में प्रमुखता से शामिल हुए और मेले का आनंद लिया सिंधु सभा अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने सिन्धी समाज को संयुक्त रूप से हाथ उठाकर यह शपथ दिलाई।
पूरा सिन्धी समाज घर पर सिन्धी में ही बात करेगा साथ ही हर घर और प्रतिष्ठानों में अपनी निजी वाहनों में भी भगवान झूलेलाल जी की तस्वीर जरूर लगाएंगे खास बात ये रही कि आज के आयोजन में सिन्धी में न बोलने पर जुर्माना किसी को नहीं भरना पड़ा कार्यक्रम शुरू होते ही 1 बजे झंडा रोहण कर देश भक्ति गीत गाए गए उसके पश्चात लगभग 500 रंगबिरंगे गुब्बारे आकाश में उड़ाए गए।
भगवान झूलेलाल जी की आरती कर सिन्धी भाषा सांस्कृतिक उत्सव शुरू किया गया सिन्धी स्वादिष्ट पकवानों व्यंजनों के स्टॉल पर जबदस्त भीड़ लगी रही हरिओम मंदिर चेट्टी चंद मेला कमेटी व सिन्धी अकादमी के संयोजन में यह आयोजन धूम धाम से मनाया गया लगभग 10 हजार से जायदा समाज के लोगों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की जिसमें महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं
उत्सव की खास चर्चा
हिंद में सिंध की डिमांड उठी सिन्धु सभा अध्यक्ष अशोक मोतियानी मेला कमेटी के रतन मेघानी महामंत्री संजय जसवानी ने इस खास मौके पर संयुक्त रूप बताएगा कि उत्सव में सिन्धी समुदाय में यह चर्चा प्रबल रूप से सुनाई व दिखाई। पड़ी कि हिंद में सिंध की मांग सरकार के समकक्ष रखनी चाहिए जैसे पाकिस्तान में सिंध प्रान्त था वहीं व्ववस्था हिंदुस्तान में होनी चाहिए।
लोगों को किया गया सम्मानित
साईं हरीश लाल जी हरिओम मन्दिर के अध्यक्ष जे पी नागपाल राम बालानी किशन चंद भम्बानी मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी,चेटी चण्ड मेला कमेटी के अध्यक्ष रतन मेंघानी महामंत्री संजय जेसवानी सुरेश छबलानी,श्याम किशनानी मनोज बचानी मुरलीधर आहूजा नानक चंद लखमानी सतेन्द्र भवनानी हंसराज राजपाल गुलाब जसवानी सतीश लखमानी राजू जसवानी जय जीवानी अशोक शर्मा सुरेश तेजवानी सुधाम चांदवानी कन्हैया लाल चंदानी, संतोष हिरवानी, नवीन केवल रमानी, अमर नाथ चौधरी, घनश्याम दास,रमेश कृपलानी महेश जगतियानी प्रकाश कृपलानी प्रदीप मन्ना रमेश बालानी प्रदीप मूरजानी राजेश सुमानी सतीश अठवानी सी ए महेन्द्र सत्या सी ए भूपेश डोडेजा सी ए श्यामलाल मंध्यान सी ए सुनील चंदानी मोहित जेसवानी शम्भू चाँदवानी संजय चांदवानी आनन्द खत्री लाजवन्ति कनिका गुरनानी हरदेवीरीमा,चन्दीरमानी हेमा बचानी ("बेस्ट सिंधी वेशभूषा प्रथम पुरस्कार राजाराम भागवानी द्वितीय पुरस्कार हंसराज राजपाल तृतीय पुरस्कार कियारा रमानी" को दिया गया ")इसके अलावा सिंधी कुकिंग प्रतियोगिता में शाने सिंधी स्नेहा पमनानी प्रथम पुरस्कार प्रेमा साहित्या द्वितीय पुरस्कार कामना केसवानी तृतीय पुरस्कार काजल मन्धानी जूनियर शेफ स्वाति गुलवानी को दिया गया अच्छे कार्य करने पर सम्मानित हुए सिंधु सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी, अनिल बजाज, जेपी नागपाल,श्याम कृषनानी नानक चंद लखमानी,मुरलीधर आहूजा मोहनदास दास लदानी, राम बालानी किशन चंद बमबानी सम्मानित किए गए। इस मौके पर सिन्धी वीर सपूतों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही जरूरतमंदों को दवाई व चिकित्सा मुफ्त दी गई। इसके अलावा युवा पीढ़ी चार्टर अकाउंटों के स्टॉल सलाह लेते दिखाई पड़े।