इलाज कराने के चक्कर में पकड़ गए आतंकी
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राउरकेला में दबोचे गए सिमी आतंकियों ने सोच-समझ कर छिपने का आशियाना तलाशा था, पर उनके इलाज कराने की जानकारी लीक हो गई और वह खुफिया एजेंसियों की पकड़ में आ गए।
आतंकियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है। गिरफ्त में आए आतंकी महबूब व उसके साथियों ने कुबूला कि बिजनौर में जब वे बम बनाकर उसमें आईडी फिट कर रहे थे, तब गलती से विस्फोट हो गया, जिसकी वजह से महबूब काफी झुलस गया।
वे लोग जल्दी में वहां से भाग निकले और फिर कई महीनों बाद राउरकेला के मकान पर पहुंचे। इस बीच बात फैलने के डर से उसने अपने घाव का किसी बड़े डॉक्टर या सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराया।
एक डॉक्टर को हुआ शक तो खुली पोल
सही इलाज के अभाव में घाव सड़ने लगा। उसमें कीड़े तक पड़ गए। हालत खराब देखकर उसने अपनी मां नजमा बीबी को बुला लिया। नजमा ने उसके घाव की सफाई की और मोहल्ले के डॉक्टरों से पूछताछ कर दवा कर रही थी।
उसने बता रखा था कि उसका बेटा पटाखे से झुलस गया है। पर एक डॉक्टर को इस पर संदेह था। इसी वजह से बात खुफिया एजेंसियों तक पहुंची और वे गिरफ्तार कर लिए गए।
हालांकि अभी तक की पड़ताल में नजमा की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के साक्ष्य सामने नहीं आ सके हैं। इस बारे में अमजद खान उर्फ दाऊद उर्फ पप्पू उर्फ उमर पुत्र रमजान खान, जाकिर हुसैन उर्फ सादिक उर्फ विक्की डॉन उर्फ विनय कुमार पुत्र बदरुल हुसैन व शेख महबूब उर्फ गुड्डू से अलग-अलग हुई पूछताछ में भी यही जानकारी सामने आई है।