सहारनपुर हिंसाः नाराज सिख हुए लामबंद
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सहारनपुर हिंसा मामले में सरकारी लचर रवैये से नाराज राजधानी के सिख संगठनों ने पीड़ितों की सहायता के लिए बृहस्पतिवार को एक रिलीफ फंड बनाया है।
‘सहारनपुर दंगा पीड़ित रिलीफ फंड’ से सिख व गैरसिख हिंसा पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
पहले ही दिन महज एक घंटे के भीतर फंड में करीब पांच लाख रुपये जमा हो गई।
84 दंगों के बाद सिखों को इतनी बड़ी चोट
यह जानकारी सरकार जोगिंदर सिंह व धार्मिक सचिव निर्मल सिंह ने केंद्रीय सिंह सभा आलमबाग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
निर्मल सिंह ने बताया कि 84 दंगों के बाद सिख समुदाय पर इतनी बड़ी चोट हो गई, फिर भी प्रदेश सरकार का रवैया लचर बना हुआ है।
अभी तक किसी भी आला अधिकारी, वरिष्ठ मंत्री या खुद मुख्यमंत्री ने वहां के हालात का जायजा नहीं लिया।
हिंसा में 160 से अधिक लोगों को हानि
हिंसा में कई समुदायों के 160 से अधिक लोगों को जानमाल की हानि हुई, लेकिन उन्हें प्रशासन की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि जल्द ही राजधानी से सिखों का एक संगठन सहारनपुर के पीड़ितों से मिलकर उन्हें रिलीफ फंड से चेक के माध्यम से सहायता राशि बांटेगा।
गुरुद्वारा कमेटी के बलजीत सिंह टोनी और मीडिया प्रभारी सरदार हरजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के सिखों से ‘सहारनपुर दंगा पीड़ित रिलीफ फंड’ के एकाउंट में दान देने की अपील की गई है।