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Lucknow News: धारा 116 के वादों के निस्तारण में श्रावस्ती प्रदेश में अव्वल
Fri, 13 Dec 2024 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:48 AM IST
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श्रावस्ती। राजस्व वाद का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। बुधवार को शासन की ओर से राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर नवंबर की रिपोर्ट जारी की गई। इसमें श्रावस्ती धारा 116 के वादों के निस्तारण के मामलों में प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।
यह जानकारी देते हुए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी प्रदेश स्तरीय रैंक में धारा-116 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (निजी भूमियों के आपसी बंटवारे का वाद) नवंबर में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने के कारण श्रावस्ती को टॉप-10 जिलों की सूची में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं पांच वर्ष से अधिक अवधि के कोई वाद लंबित न होने के कारण जिले को छठा स्थान प्राप्त हुआ है।
इसी प्रकार धारा-34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (खारिज-दाखिल के वाद) में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने व पांच वर्ष से अधिक अवधि के कोई वाद लंबित न होने के कारण के कारण टॉप-10 जिलों की सूची में श्रावस्ती को सातवां स्थान प्राप्त हुआ है। धारा-67 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (सार्वजनिक/ग्राम समाज भूमि से बेदखली के वाद) में नवंबर में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने के कारण जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
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डीएम ने बताया कि इसके लिए मेरे व एडीएम न्यायालय सहित तहसील न्यायालयों पर राजस्व वादों के निस्तारण की प्रतिदिन समीक्षा की गई। टीम भावना से काम करने के कारण ही संभव हुआ है। इसके लिए सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। हमें और खामियां सुधारने की जरूरत है। ताकि हम टाॅपटेन में बने रहें।
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यह जानकारी देते हुए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी प्रदेश स्तरीय रैंक में धारा-116 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (निजी भूमियों के आपसी बंटवारे का वाद) नवंबर में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने के कारण श्रावस्ती को टॉप-10 जिलों की सूची में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं पांच वर्ष से अधिक अवधि के कोई वाद लंबित न होने के कारण जिले को छठा स्थान प्राप्त हुआ है।
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इसी प्रकार धारा-34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (खारिज-दाखिल के वाद) में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने व पांच वर्ष से अधिक अवधि के कोई वाद लंबित न होने के कारण के कारण टॉप-10 जिलों की सूची में श्रावस्ती को सातवां स्थान प्राप्त हुआ है। धारा-67 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के वादों (सार्वजनिक/ग्राम समाज भूमि से बेदखली के वाद) में नवंबर में कुल लंबित विचाराधीन वादों की संख्या के मुकाबले कम वाद लंबित होने के कारण जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
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डीएम ने बताया कि इसके लिए मेरे व एडीएम न्यायालय सहित तहसील न्यायालयों पर राजस्व वादों के निस्तारण की प्रतिदिन समीक्षा की गई। टीम भावना से काम करने के कारण ही संभव हुआ है। इसके लिए सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। हमें और खामियां सुधारने की जरूरत है। ताकि हम टाॅपटेन में बने रहें।