श्रवण को हत्यारों से बचाने में नाकामी पर छह सस्पेंड, सीओ को हटाया
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पुलिस और अपराधियों की साजिश को बेनकाब करने वाले कारोबारी श्रवण साहू की हत्या के बाद जागीं एसएसपी मंजिल सैनी ने बृहस्पतिवार शाम सआदतगंज इंस्पेक्टर सुरेश कुमार पटेल, रिजर्व इंस्पेक्टर शिशुपाल सिंह तोमर, चौकी इंचार्ज रामकेवल तिवारी, सिपाही धर्मवीर, विजय और रामआसरे को सस्पेंड कर दिया।
बाजारखाला सीओ विमल किशोर श्रीवास्तव को बृहस्पतिवार देर रात हटा दिया गया। उनकी जगह सीओ क्राइम को कार्यवाहक सीओ बनाया गया है।
सुरक्षा मुहैया कराने की श्रवण की अर्जी पर आंख मूंद लेने वाले सीओ एलआईयू अजय कुमार सिंह की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। श्रवण के बेटे आयुष की हत्या के आरोपी अकील अंसारी को गिरफ्तार नहीं करने वाली क्राइम ब्रांच की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है।
उधर, श्रवण के बेटे सुनीत साहू ने जेल में बंद अकील अंसारी और दो अज्ञात बदमाशों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। श्रवण साहू को बुधवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने सआदतगंज के बड़ा चौराहा स्थित घर में घुसकर गोलियों से भून दिया था।
ये हैं जिन्होंने खाकी को किया शर्मसार
सिपाही धर्मवीर और विजय : दोनों हत्या के बाद भाग खड़े हुए। रायफलधारी इन दोनों सिपाहियों को बड़ा चौराहा पर तैनात किया गया था। बड़ा चौराहा से श्रवण का घर और दुकान पास में ही है। इनकी जिम्मेदारी थी कि ये दुकान और श्रवण के घर पर नजर रखते। पर, ये दोनों हत्या होते ही भाग खड़े हुए।
इंस्पेक्टर सुरेश कुमार पटेल व चौकी इंचार्ज रामकेवल तिवारी : जानबूझकर आंखें मूंदे रहे
इन दोनो को बखूबी मालूम था कि श्रवण की जान को खतरा है। पर दोनों ने कोई इनिशिएटिव नहीं लिया। यानी जानबूझकर लापरवाही।
शिशुपाल सिंह तोमर : एसएसपी के आदेश को भी ठेंगा दिखा दिया। एसएसपी मंजिल सैनी ने श्रवण को गनर मुहैया कराने का आदेश दिया। इन्हें भी बखूबी मालूम था कि जिस शख्स को गनर मुहैया कराने को कहा जा रहा है, उसकी जान को खतरा है। पर ये जनाब आदेश को दबाकर बैठ गए।
सिपाही रामआसरे : भेजा पर गया नहीं
आरआई शिशुपाल तोमर ने अफसरों को बताया कि उन्होंने सिपाही रामआसरे को श्रवण की सुरक्षा के लिए भेजा था। पर, वह गया नहीं।
घर पर एक दरोगा और चार सिपाही तैनात रहेंगे, बेटे को दो गनर
एसएसपी ने बताया कि श्रवण की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस ने घोर लापरवाही बरती गई। अब श्रवण के घर पर एक दरोगा और चार सिपाहियों की गारद तैनात की गई है। बेटे सुनीत साहू को दो गनर दे दिए गए हैं। एसएसपी ने आयुष हत्याकांड के गवाहों को भी गनर देने की बात कही। आयुष हत्याकांड के गवाहों को भी गनर मिलेगा।
चार संदिग्ध हिरासत में
पुलिस ने इलाके के मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है। माफिया गिरोह के शूटरों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है पुलिस
परिवारीजनों ने तो पुलिस से हत्याकांड की जांच कराने से ही इन्कार कर दिया। एसएसपी ने कहा कि श्रवण के परिवारीजनों की तरफ से प्रार्थनापत्र मिलते ही सीबीआई जांच की सिफारिश प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी।
श्रवण के परिवारीजनों का कहना है कि जिस पुलिस ने अपराधी के साथ मिलकर उन्हें फंसाने की साजिश रची, उससे निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने हत्या में भी पुलिस के शामिल होने की आशंका जताई।
विजय का कहना था कि बर्खास्त दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, सिपाही अनिल सिंह और धीरेंद्र यादव खुलेआम घूम रहे हैं। हो सकता है उन्होंने ही हत्या करा दी हो। परिवारीजनों ने कहा कि सीबीआई जांच होने से आयुष साहू और उसके पिता श्रवण साहू की हत्या तक माफिया, अपराधी और पुलिस के अलावा पर्दे के पीछे छिपे कई और चेहरे भी बेनकाब हो जाएंगी।