{"_id":"5fc28781577ff03146732223","slug":"show-cause-notice-to-27-itis-on-fee-payment-disturbances","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुल्क भरपाई में गड़बड़ी पर 27 आईटीआई को कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुल्क भरपाई में गड़बड़ी पर 27 आईटीआई को कारण बताओ नोटिस
Sat, 28 Nov 2020 10:53 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Nov 2020 10:53 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाज कल्याण विभाग ने शुल्क भरपाई में गड़बड़ी मिलने पर मथुरा के 27 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को कारण बताओ नोटिस दिया है। राज्यस्तरीय कमेटी इन संस्थानों को काली सूची में डालने के बाबत सुनवाई करेगी।
हाल ही राज्य सरकार के निर्देश पर मथुरा की आईटीआई में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में घपले की शिकायतों की जांच कराई गई थी। इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिली थीं। साथ ही इसमें स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) और संबंधित मंडलीय संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण एवं रोजगार की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मान्यताविहीन कई आईटीआई योजना का लाभ ले रही थीं। वहीं, कई कई आईटीआई ऐसी मिलीं, जहां एनसीवीटी से स्वीकृत सीटों से ज्यादा दाखिले ले लिए गए थे।
नियमानुसार स्वीकृत सीटों से ज्यादा दाखिला लेने वाले छात्रों को भुगतान नहीं हो सकता था। वहीं, यूपी बोर्ड से इतर अन्य बोर्ड का हाईस्कूल प्रमाण लगाने वाले विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां मिली हैं। ऐसे 27 आईटीआई को नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब न देने या जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर इन संस्थानों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एफआईआर कराने के साथ ही गलत ढंग से ली गई राशि की वसूली भी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल ही राज्य सरकार के निर्देश पर मथुरा की आईटीआई में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में घपले की शिकायतों की जांच कराई गई थी। इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिली थीं। साथ ही इसमें स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) और संबंधित मंडलीय संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण एवं रोजगार की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मान्यताविहीन कई आईटीआई योजना का लाभ ले रही थीं। वहीं, कई कई आईटीआई ऐसी मिलीं, जहां एनसीवीटी से स्वीकृत सीटों से ज्यादा दाखिले ले लिए गए थे।
विज्ञापन
नियमानुसार स्वीकृत सीटों से ज्यादा दाखिला लेने वाले छात्रों को भुगतान नहीं हो सकता था। वहीं, यूपी बोर्ड से इतर अन्य बोर्ड का हाईस्कूल प्रमाण लगाने वाले विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां मिली हैं। ऐसे 27 आईटीआई को नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब न देने या जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर इन संस्थानों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एफआईआर कराने के साथ ही गलत ढंग से ली गई राशि की वसूली भी की जाएगी।
विज्ञापन